हमीरपुर जिले के निवासी और भोपाल में इंटेलीजेंस ब्यूरो की टेक्निकल विंग में सीनियर इंस्पेक्टर अजय खरे की भोपाल में ही कार से कुचलकर मौत हो गई। वह कई सनसनीखेज मामलों की जांच से जुड़े थे। व्यापमं घोटाले से संबंधित खुफिया सूचनाओं पर भी काम कर रहे थे। ऐसे में यह हादसा है या हत्या, इस बिंदु पर भोपाल पुलिस जांच कर रही है।
हमीरपुर जिला मुख्यालय के पठकाना मोहल्ला निवासी प्रताप नारायण खरे के 58 वर्षीय पुत्र अजय कुमार खरे को रविवार दोपहर भोपाल में काले रंग की कार ने कुचला। उनकी मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। वे तुरंत भोपाल के लिए रवाना हो गए।
उनके छोटे भाई अभय खरे ने बताया कि अजय भोपाल के अमलतास परिसर त्रिलंगा में रहते थे। वह रविवार दोपहर करीब 2 बजे इसी मोहल्ले में निर्माणाधीन अपने मकान को देखने की बात कहकर स्कूटर से निकले थे। शाहपुरा इलाके में एक काले रंग की कार ने स्कूटर में टक्कर मार दी। वह गिरे तो कार उन्हें कुचलते हुए निकल गई। उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
अभय खरे ने बताया कि बड़े भाई अजय आईबी से दो साल बाद सेवानिवृत्त होने वाले थे। उनके सराहनीय कार्य को देखते हुए 26 जनवरी 2016 को गृह मंत्रालय ने भारतीय पुलिस सेवा पदक से 15 अगस्त को सम्मानित करने का एलान किया था। अजय खरे की प्रारंभिक शिक्षा हमीरपुर स्थित जीआईसी में हुई थी। वह तीन भाइयों में दूसरे नंबर के थे। उन्होंने बताया कि अजय का अंतिम संस्कार भोपाल में ही कर दिया गया है।