अग्निपीड़ितों से बात करती विधायक मनीषा अनुरागी।
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क्षेत्र के धौहल गांव में रविवार को लगी आग में 12 घर जल जाने के बाद पीड़ितों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। वह रोते बिलखते राख में अपना सामान ढूंढ रहे हैं। आग ने उनसे निवाला तक छीन लिया है। हालत ये है कि उनके पास तन ढकने को भी कपड़े भी नहीं बचे हैं। हालांकि मौके पर पहुंची विधायक व एसडीएम ने भोजन की व्यवस्था करा दी है तथा शीघ्र मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है। गांव के कोटेदार को पीड़ितों को राशन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। आग लगने का कारण अभी तक साफ नहीं हो पाया है।
रविवार दोपहर करीब तीन बजे क्षेत्र के धौहल गांव में आग की लपटें उठने लगीं। देखते ही देखते आग ने 12 घराें को अपनी चपे में ले लिया। घटना के समय ज्यादातर लोग खेतों पर काम कर रहे थे। गांव में आग से भगदड़ मच गई और ग्रामीण आग बुझाने में जुट गए। हालांकि दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद फायर ब्रिगेड ही आग पर काबू पा सका। आगजनी में ग्रामीणों की गृहस्थी जलकर राख हो गई। पीड़ित मदनपाल ने रोते हुए बताया कि समझ में नहीं आ रहा है कि कैसे परिवार चलेेगा। तन ढकने के लिए कपड़े तक नहीं हैं।
आग में घर में रखी नगदी भी जल गई। यही हाल गजराज का है। उसका कहना है कि गरीबी के बीच आग की मार ने कमर तोड़ दी है। कभी पत्नी को चुप कराता है, तो कभी बेटी को। घर में खाने के लिए दाने तक नहीं हैं। ऐसे ही हालात अन्य पीड़ितों के हैं। ये सब बात करते ही रो पड़ते हैं और अपने मकान की राख में बचा सामान खोज रहे हैं। देर शाम विधायक मनीषा अनुरागी गांव पहुंची और पीड़ितों को ढांढस बंधाया। एसडीएम बृजेश त्रिपाठी ने कहा कि आगजनी में ग्रामीणों को भारी क्षति हुई है। कानूनगो व लेखपाल द्वारा क्षति आकलन की रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। पीड़ितों को अधिक से अधिक मुआवजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा। गांव के कोटेदार को पीड़ित परिवार को राशन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
थानेदार की ग्रामीणों ने शिकायत की
आगजनी की घटना की जानकारी पर मौके पर पहुंची विधायक मनीषा अनुरागी से ग्रामीणों ने जलालपुर थानाध्यक्ष की एक स्वर में शिकायत की है। प्रधान रमाशंकर यादव, गनेशा, महेंद्र, दुल्ली, धनीराम ने कहा कि आग लगने की सूचना तत्काल थानाध्यक्ष को दी थी। लेकिन थानेदार प्रधान से मोबाइल पर ही आग की घटना की जानकारी लेते रहे और आग बुझने के बाद यहां आए। ग्रामीणों का कहना है कि अगर उन्होंने तुरंत कार्रवाई की होती तो इतना नुकसान न होता।