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खाली कुर्सियों देख नाराज हुईं मंत्री

Sat, 10 Dec 2016 11:55 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला हमीरपुर
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कलेक्ट्रेट परिसर में शादी अनुदान के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र देतीं प्रदेश सरकार की मंत्री अरुणा कोरी। - फोटो : Amar ujala
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प्रदेश सरकार की संस्कृति विभाग मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अरुणा कोरी ने शनिवार को शादी अनुदान और समाजवादी पेंशन योजना के लाभार्थियों क ो स्वीकृत प्रमाण पत्र बांटे। इस मौके पर पंडाल में खाली कुर्सियां देख मंत्री ने कहा कि प्रचार, प्रसार के अभाव में कुर्सियां खाली हैं। गुस्से में कहा कि अधिकारी ठीक से काम करें। उन्होंने सरकार की योजनाओं का बखान पांच मिनट में ही खत्म कर दिया।
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कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री अरुण कोरी ने कहा कि प्रदेश सरकार गरीबों को बेटी की शादी, मुफ्त सिंचाई, मिनी डेरी, मेट्रो, सड़क, लोहिया आवास जैसी तमाम योजनाओं के जरिए लाभान्वित कर रही है। शादी अनुदान में अभी 20 हजार दिए जा रहे हैं। लेकिन जल्द इसे बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दिया जाएगा। कहा कि लाभार्थियों सहित पार्टीजनों को इसकी सूचना देनी चाहिए। अधिकारी ठीक से काम करें।

कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि जिले में समाजवादी पेंशन के 49 हजार, पिछड़ा वर्ग शादी अनुदान के 94, अनुसूचित जाति के 244 व अल्पसंख्यक शादी अनुदान के 66 लाभार्थियों को योजना का लाभ दिया गया है। इन्हीं लाभार्थियों को स्वीकृति प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं। इस मौके पर सदर विधायक शिवचरन प्रजापति ने कहा कि बिना समाज के सहयोग के कोई भी योजना या काम संभव नहीं हो सकता है। अन्ना मवेशियों की समस्या जिले में है।
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इसके लिए मुख्यमंत्री से कहा है, हल निकाला जाएगा। सपा जिलाध्यक्ष ज्ञान सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने नोटबंदी कर हर किसी की कमर तोड़ दी है। उन्होंने डायल 100 सेवा की जानकारी दी। कार्यक्रम को डा. मनोज प्रजापति ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में एडीएम डा. राजेश कुमार प्रजापति, समाज कल्याण अधिकारी रचना शर्मा, अल्पसंख्यक अधिकारी कृष्णमुरारी आदि मौजूद रहे।

कोहरे व ठंड के कारण नहीं आए दूरदराज से लोग
गुरुवार को शासन से कार्यक्रम संपन्न कराने का आदेश आया था। जिसमें योेजनाओं का लाभ पा चुके लाभार्थियों को बुलाने के निर्देश दिए गए थे। इसके चलते समाज कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग और अल्पसंख्यक विभाग के अधिकारी लाभार्थियों की सूची के साथ स्वीकृति प्रमाणपत्र बनाने में जुट गए।

वहीं, लाभार्थियों को प्रमाणपत्र लेने के लिए सूचना दी गई। लेकिन ज्यादातर लाभार्थियों ने यह कहकर अधिकारियों की बात अनसुनी कर दी कि उनके खाते में शादी अनुदान की धनराशि आ चुकी है। कोहरे के चलते ठिठुरन में कै से जाएं। वहीं, लाभार्थियों को कार्यक्रम में लाने के लिए वाहनों की व्यवस्था नहीं की गई। इसी के चलते कार्यक्रम में लाभार्थियों की संख्या नगण्य रही।
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