राठ में अस्पताल में घटना की जानकारी देता मृतका का पति चतुर सिंह
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अन्ना मवेशियों से फसल बचाना किसानों को भारी पड़ने लगा है। शुक्रवार रात मवेशियों से फसल की रखवाली कर रही एक महिला किसान की ठंड लगने से खेत पर ही मौत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
कोतवाली के सैदपुर गांव निवासी किसान चतुर सिंह लोधी के पास करीब 14 बीघा और उसकी पत्नी पार्वती (55) के नाम करीब छह बीघा जमीन है। शुक्रवार रात पार्वती अन्ना जानवरों से फसल बचाने के लिए रात में खेत की रखवाली कर रही थी। सुबह करीब चार बजे अचानक वृद्ध महिला किसान की हालत खराब हो गई। परिजन उसे लेकर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां से चिकित्सकों ने झांसी रेफर कर दिया। झांसी ले जाते समय बंगरा गांव के पास रास्ते में महिला ने दम तोड़ दिया।
वृद्धा के पति चतुर सिंह ने बताया कि उसके पैर में चोट लगने के कारण वह रात में सो गया था। जबकि उसकी पत्नी खेत की रखवाली कर रही थी। मृतका का एक पुत्र कृष्ण कुमार है। शनिवार सुबह युवजन सभा के जिलाध्यक्ष सत्यपाल यादव पीड़ित किसान के पास अस्पताल पहुंचे और ढांढस बंधाया। जिलाध्यक्ष ने किसान से कहा कि पूरी मदद की जाएगी। वहीं, तहसीलदार परशुराम ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही सही स्थिति ज्ञात हो पाएगी।
टार्च के सहारे रात भर लगा रहे खेत का चक्कर
अन्ना जानवरों के आतंक से किसान खेतों में खड़ी गेहूं, चना, मटर, मसूर सहित अन्य फसलाें को बचाने के लिए दिन-रात एक किए हैं। करीब 80 फीसदी किसान खेतों में ही डेरा डाले हैं। सैकड़ों की तादाद में घूम रहे अन्ना जानवर रात में खेतों में घुसकर फसल चट कर रहे हैं।
किसानों ने बताया कि जरा सी लापरवाही पर अन्ना जानवर पूरी फसल चट कर जाते हैं। किसान रात भर भीषण कोहरे और ठंड के चलते खेतों के चारों ओर टार्च की रोशनी से रखवाली करते हैं। टिकरिया के किसान गयाप्रयाद, रामसनेही आदि ने बताया कि अन्ना जानवरों ने जीना दुश्वार कर दिया है।