डीएम को ज्ञापन देने जाते विकास संस्थान के पदाधिकारी।
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भीषण उमस भरी गर्मी से लोग जूझ रहे हैं। वहीं बाढ़ से फैली गंदगी में कीड़े मकोड़े के साथ संक्रामक बीमारियों से लोग परेशान हैं। ऊपर से बिजली की अघोषित कटौती दुश्वारियां बढ़ा रही हैं। रात में हो रही बिजली की अघोषित व घोषित कटौती से लोगों का जीना दुश्वार हो गया है। हमीरपुर विकास संस्थान के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपकर रात की कटौती बंद कराए जाने की मांग की है।
हमीरपुर विकास संस्थान द्वारा मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में कहा गया है कि वर्तमान समय में भीषण उमस भरी गर्मी तथा वर्षा व बाढ़ से फैली गंदगी के कारण संक्रामक बीमारियों व बुखार आदि से सैकड़ों बच्चे, बूढ़े व जवान ग्रसित है। कइयों की जान भी जा चुकी है। अस्पतालों में बिस्तर तक कम पड़ रहे है। अघोषित बिजली कटौती लोगों के लिए और मुसीबतें बढ़ा रही हैं। रात में हो रही घोषित व अघोषित कटौती से जहां जहरीले कीड़े मकोड़े से लोग परेशान है।
बिजली कटौती को लेकर एक माह पूर्व संस्थान द्वारा जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया गया। इस पर डीएम ने अधिशाषी अभियंता कोे निर्देश दिए थे। लेकिन रात की कटौती बंद नहीं हुई। रात में हो रही कटौती से छात्र छात्राओं की पढ़ाई बाधित होती है। साथ ही अधिवक्ताओं के काम प्रभावित होते है। हमीरपुर विकास संस्थान के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर अधिशाषी अभियंता के खिलाफ कार्रवाई किए जाने व रात में हो रही कटौती को बंद किए जाने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में अध्यक्ष राजेंद्रवीर सिंह चौहान, महामंत्री राजेंद्र कुमार साहू, संयोजक मनीराम वर्मा, अखिलेश कुमार, नरेंद्र सिंह, बलराम संखवार, रामकुमार, प्रहृलाद नारायन आदि मौजूद रहे।