मौदहा। विकासखंड मौदहा में वीबी-जी रामजी योजना के तहत मनरेगा कार्यों में सामने आए कथित फर्जीवाड़े के बीच खंड विकास अधिकारी संतोष कुमार श्रीवास्तव का तबादला कर दिया गया। उन्हें यहां से हटाकर सुमेरपुर का बीडीओ बनाया गया है। वहीं श्वेता त्रिपाठी को मौदहा जिम्मेदारी सौंपी गई।
मौदहा ब्लॉक में वीबी-जी रामजी योजना के तहत कराए जा रहे कार्यों में पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों और मौके की स्थिति को लेकर सवाल उठे थे। बारिश के दौरान मनरेगा कार्यों के नाम पर मिट्टी खोदाई और श्रमिकों की हाजिरी दर्ज किए जाने का मामला भी सामने आया था। अमर उजाला ने 25 सितंबर को इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर के बाद विकास कार्यों की निगरानी और सत्यापन को लेकर सवाल और गंभीर हुए। इसी बीच अब मौदहा के बीडीओ संतोष कुमार श्रीवास्तव का तबादला कर दिया गया है। उन्होंने 14 जुलाई को नियमित बीडीओ के रूप में कार्यभार संभाला था। महज ढाई महीने बाद उनका स्थानांतरण हो गया। हालांकि तबादला आदेश में इसके पीछे कोई स्पष्ट कारण दर्ज नहीं है। चर्चा यही है कि कथित फर्जीवाड़े को लेकर तबादला किया गया है।
अब नई बीडीओ के सामने होगी योजनाओं की निगरानी
श्वेता त्रिपाठी के सामने मौदहा ब्लॉक की विकास योजनाओं की निगरानी की जिम्मेदारी होगी। खासकर वीबी-जी रामजी योजना में कराए गए कार्यों की गुणवत्ता, श्रमिकों की वास्तविक उपस्थिति, मस्टररोल और पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों के सत्यापन पर नजर रखना अहम होगा। फर्जीवाड़े के आरोपों से जुड़े मामलों में आगे विभागीय स्तर पर क्या कार्रवाई होती है, इस पर भी निगाह रहेगी।