20 वर्ष पूर्व बहुचर्चित सामूहिक हत्याकांड के मामले में बंद एक आरोपी को जनपद न्यायाधीश बी राम की अदालत ने दोषी करार दिया है। बुधवार को अदालत सजा सुनाएगी। इस मुकदमे में विधायक अशोक चंदेल समेत 12 को आरोपी बनाया गया था। जिसमें 10 को न्यायालय पिछले जुलाई 2002 में बरी कर चुका है। मुकदमे का 12 वां आरोपी रुक्कू फरार चल रहा था। जिसने मई 2003 में न्यायालय में समर्पण किया था।
26 जनवरी 1997 की शाम करीब 7:30 बजे मुख्यालय के सुभाष बाजार निवासी नसीम के मकान के सामने हुई जबरदस्त फायरिंग में रमेड़ी मोहल्ला निवासी राकेश शुक्ला व उसके भाई राजेश शुक्ला, निजी अंगरक्षक श्रीकांत पांडेय, वेदनायक, गुड्डा उर्फ अंबुज पुत्र राकेश शुक्ला की मौत हो गई थी। जबकि राजीव शुक्ला, चंदन समेत पांच लोग घायल हुए थे। राजीव शुक्ला ने स्थानीय कोतवाली में सदर विधायक अशोक सिंह चंदेल समेत 12 लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
आरोपी रुक्कू को छोड़ अन्य सभी आरोपियों ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया था। मुकदमे की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने 15 जुलाई 2002 को मुकदमे से इन आरोपियों को बरी कर दिया था। जिससे सभी आरोपी जेल से रिहा हो गए थे। इसके बाद मई 2003 में फरार आरोपी रुक्कू ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। तबसे न्यायालय में रुक्कू प्रकरण की सुनवाई हो रही थी। जिला जज न्यायालय के शासकीय अधिवक्ता वीरेंद्र यादव ने बताया कि मामले में आरोपी रुक्कू को दोषी ठहराया गया है। बताया कि सजा के बिंदु पर बुधवार को न्यायालय में सुनवाई होगी।
तब विधायक समेत 12 हुए थे नामित
घटना में मृतक राजेश शुक्ला के छोटे भाई घायल राजीव शुक्ला ने कोतवाली में अशोक सिंह चंदेल, रघुवीर सिंह, भानसिंह, उत्तम सिंह, आशुतोष सिंह, प्रदीप सिंह, रुक्कू, नसीम खां समेत ग्यारह आरोपियों के खिलाफ धारा 148, 149, 302, 307 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज कराया था।
जजी परिसर में दो दिनों से बढ़ी चहल कदमी
बीस वर्ष पूर्व हुई घटना को लेकर इधर दो दिनों से फिर न्यायालय परिसर में चहल कदमी बढ़ गई थी। मामले में क्या हुआ क्या नहीं इसको लेकर लोगों में चर्चाएं गर्म रहीं। वहीं, सुरक्षा के लिहाज से कोतवाली का फोर्स भी दो दिनों से जजी परिसर में लगा रहा।