सरीला (हमीरपुर)। जरिया थानाक्षेत्र के चंडौत गांव में सिरफिरे ट्रक चालक ने नहाने के बहाने बेतवा नदी में पड़ोसी के सात वर्षीय इकलौते बेटे की बेल्ट से गला घोंटकर हत्या कर शव को नदी में फेंक दिया। परिजनों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने बच्चे के शव को नदी से बरामद कर कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम को भेजा है। आरोपी के खिलाफ पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज किया है।
चंडौत गांव निवासी मंगल सिंह यादव का सात वर्षीय इकलौता पुत्र अवधेश गांव के प्राथमिक विद्यालय में कक्षा दो में पढ़ता था। मंगलवार की शाम वह मोहल्ले में खेल रहा था। तभी पड़ोसी आरोपी रामप्रकाश लोधी उसे बहला-फुसलाकर नहाने के बहाने बेतवा नदी की तरफ ले गया। इधर अवधेश के लापता होने पर परिजन उसकी तलाश में जुट गए। तभी बीहड़ में जलाऊ लकड़ी इकट्ठा कर रही गांव की महिलाओं ने अवधेश को रामप्रकाश के साथ बेतवा नदी की तरफ जाने की जानकारी दी थी। जिस पर परिजनों ने रामप्रकाश को पकड़ लिया। और राम प्रकाश को लेकर बेतवा नदी की तरफ गए। जहां अवधेश का शव नदी में पड़ा मिला। उसके हाथ पैर उसी के लोवर से बंधे थे। गर्दन में आरोपी की बेल्ट कसी हुई थी।
मंगल सिंह यादव ने बताया कि उसका बेटा खेलते समय गायब हुआ था। उसकी हत्या रामप्रकाश ने की है और शव नदी में फेंक दिया है। आरोपी शराब का लती है। उसे थाना पुलिस के हवाले कर दिया है।
थानाध्यक्ष विक्रमाजीत सिंह ने बताया कि आरोपी रामप्रकाश ने बच्चे की हत्या करना स्वीकार किया है। वह बच्चे को नहाने के बहाने बेतवा नदी ले गया था। दोनों ट्यूब में बैठकर तैर रहे थे। तभी ट्यूब पलटने से वह नदी में गिर गया। जिस पर अवधेश उससे झगड़ने लगा और घर जाकर जानबूझकर पानी में डुबोने की शिकायत करने की बात कहने लगा। इसी से नाराज होकर उसने बच्चे की हत्या बेल्ट से गला घोंटकर की है। कहा कि आरोपी ट्रक चालक भी है। पिता की तहरीर पर आरोपी के विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज किया गया है। सीओ शुभ सूचित ने भी मौके पर जाकर घटना की जानकारी ली है।
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दुष्कर्म के आरोप में बंद रहा तिहाड़ जेल में
थानाध्यक्ष ने बताया कि रामप्रकाश शराब का लती है उसके विरुद्ध मारपीट आर्म्स एक्ट व मिनी गुंडा एक्ट के मामले थाने में दर्ज हैं। बताया कि वर्ष 2017 में रामप्रकाश दिल्ली में काम करता था। तभी उस पर एक दुष्कर्म का मामला दिल्ली में दर्ज हुआ। इस आरोप में वह करीब एक साल तक तिहाड़ जेल बंद रहा है। वहां से जमानत पर छूटकर आने के बाद ट्रक ड्राइवर बन गया। इधर वह गांव आया था।
छह साल पूर्व अवधेश के सिर से मां का उठ गया था साया
पिता मंगल सिंह यादव ने बताया कि मासूम अवधेश (7) चार भाइयों का इकलौता वारिस था। वह पढ़ाई में बहुत तेज था। उसके सिर से मां लक्ष्मी का आंचल लगभग साढ़े छह साल पहले उठ गया था। तब वह मात्र छह माह का था। मासूम के पिता मंगल ने बताया कि हम चार भाई हैं। जिसमें श्याम बाबू और रामबाबू अविवाहित हैं छोटे भाई मिथिलेश की करीब दो साल पहले शादी हुई है। लेकिन उसके अभी तक कोई संतान नहीं है। चार भाइयों में अवधेश इकलौती संतान था। पत्नी लक्ष्मी की मौत करीब छह साल पहले दिमागी बुखार की वजह से उसके मायके झकरयाई जिला नरसिंहपुर में हो गई थी। तभी से उसने अवधेश को मां बाप का प्यार देकर पाला था। बताया कि चारों भाई साढ़े छह एकड़ पैतृक जमीन पर खेती बाड़ी के साथ मेहनत मजदूरी कर परिवार पालते हैं। रोते हुए कहा कि पड़ोसी रामप्रकाश लोधी ने चारों भाइयों का चिराग मामूली सी बात पर पल भर में बुझा दिया। ईश्वर उसे कभी माफ नहीं करेगा।