एसबीआई में सर्वर आने का इंतजार करती महिलाएं।
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हमीरपुर। बड़े नोट बंद होने के बाद बैंकों में भीड़ कम नहीं हो रही है। रविवार को भी बैंकों में अव्यवस्था रही। नोट बदलने को लेकर लोग परेशान रहे। इधर, एसबीआई का सर्वर डाउन होने से बैंक के अंदर से लेकर बाहर हजारों की संख्या में लोग हलाकान रहे। एक घंटे तक बैंक में काम ठप रहा। बैंक ऑफ बड़ौदा में एक्सचेंज कराने लाइन में लगे लोग पसीने पसीने हो गए।
पंजाब एंड सिंध बैंक के गेट पर नोटों की कमी की सूचना चस्पा कर आराम फरमाते रहे।
बैंक में रुपये बदलने पहुंच युवकों ने हंगामा काटा। जिले भर के एटीएम रविवार को भी चालू नहीं हो सके। मौदहा प्रतिनिधि के अनुसार कस्बे में नोटों की अदला बदली के चलते सुबह से लाइन में खड़े कुछ लोग चकराकर गिरने लगे। इनमें महिलाएं भी थीं। पंजाब नेशनल बैंक में इस कदर भीड़ बढ़ी कि लोग बैंक का गेट तोड़ने पर आमादा हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने इन्हें नियंत्रित किया। दूरदराज से आई वृद्ध महिलाएं सूर्योदय से पहले ही बैंकाें के दरवाजे बैठ गईं। बड़े नोटों के बंद होने से खंडेह गांव की वृद्धा राजा बेटी थककर एसबीआई शाखा गेट पर थककर बैठ गई। उसने बताया कि वह विधवा है। उसे पेंशन मिलती है। मंगलवार को 3500 रुपये बैंक से ले गई और बुधवार को ही बड़े नोटों का चलन बंद हो गया। उसके खाने पीने का कोई सामान भी नहीं था। दो दिन तक उधार चला। अब वह इन पैसों को बदलाने आई है लेकिन बैंक की भीड़ देखकर वह चकरा गई। उसने कहा कि अगर नोट नहीं बदले जाते तो उसके पास गांव जाने तक का किराया नहीं है।
खाली पड़े रहे एटीएम
एटीएम मशीनों का कैसेट (नोट रखने का बाक्स) 500 और 1000 की नोट के हिसाब से बना है। सौ रुपये की नोट का साइज अलग है, 100 रुपये की नोट कासाइज का ही कैसेट में रुपये रखे जा सकते हैं। इंजीनियरों के न आने से जिले भर में एटीएम बंद पड़े हैं। मशीनों के ठीक न कर पाने से जिन बैंक रुपये नहीं रख पा रहे हैं। सिर्फ इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक का ही एटीएम 100 रुपये के नोट निकालता रहा।