महोबा। किशोरी से दुष्कर्म के एक साल पुराने मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम व अपर सत्र न्यायाधीश संदीप चौहान ने बुधवार को फैसला सुनाया। दोष सिद्ध होने पर किशोरी से दुष्कर्म के दोषी चरनदास को 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 35 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
थाना पनवाड़ी के एक गांव निवासी पिता ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि जनपद हमीरपुर के एक गांव निवासी उसका रिश्तेदार चरनदास 15 दिन से उसके घर में रह रहा था। 20 नवंबर 2024 की सुबह उसकी 16 वर्षीय बेटी घर के बाहर बने छप्पर के नीचे बर्तन धो रही थी। तभी चरनदास वहां पहुंच गया और अश्लील हरकतें करते हुए दुष्कर्म किया। बेटी के शोर मचाने पर जब वह बाहर निकला तो आरोपी मौके से भाग निकला। बेटी ने पिता को रो-रोकर पूरी घटना बताई। पिता की तहरीर पर पुलिस ने चरनदास के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। पीड़िता ने अपने बयान में चरनदास पर दो बार दुष्कर्म करने का आरोप लगाया। बताया कि चरनदास रक्षाबंधन के दिन घर आया और तभी से रह रहा था। पुलिस ने मामले की विवेचना की और आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। अदालत ने बुधवार को मामले की सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया।