हमीरपुर। चचेरी बहन से दुष्कर्म के आरोपी पर शुक्रवार को जिला न्यायाधीश की अदालत में दोष सिद्ध हो गया। उसे 14 साल के कठोर कारावास और 52 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
जानकारी के अनुसार एक गांव निवासी दुष्कर्म पीड़िता के पिता ने ललपुरा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि 19 जनवरी 2022 को उसकी बेटी रात 10 बजे के लगभग घर के बाहर दरवाजे पर बने शौचालय में शौच के लिए गई थी। वह शौचालय से बाहर निकली तो घात लगाए बैठे सगे भाई के बेटे अटल सिंह ने उसे पकड़ लिया। गले पर कुल्हाड़ी रखकर छप्पर के अंदर ले गया। उसके साथ गलत कार्य किया। इससे वह खून से लथपथ हो गई। दुष्कर्म करते वक्त वह मुंह दबाए रहा। किसी तरह बेटी ने आवाज लगाई तो वह और उसकी पत्नी मौके पर पहुंचे। इस पर आरोपी सभी को जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गया।
उनकी शिकायत पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करते हुए डॉक्टरी परीक्षण कराया। वहीं, दूसरी तरफ आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट भेजा, वहां से उसे जेल भेजा गया। पुलिस ने एक माह के भीतर ही कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। कोर्ट में चली सुनवाई में जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश कुमार शुक्ला ने पीड़ित पक्ष की ओर से पांच गवाह और साक्ष्य पेश किए। इसके बाद जिला न्यायाधीश मनोज कुमार राय ने गवाहों के बयान, साक्ष्य और लैब की रिपोर्ट के आधार पर आरोपी को दोषी पाया। दोष सिद्ध होने पर शुक्रवार को फैसला सुनाया गया। इसमें दुष्कर्मी को 14 साल कठोर कारावास की सजा के साथ ही 52 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया।
विधि विज्ञान की प्रयोगशाला में भी हुई पुष्टि
पुलिस ने पीड़िता का डॉक्टरी परीक्षण कराया था। सीमन का नमूना लेकर विधि विज्ञान प्रयोगशाला जांच को भेजा गया था। प्रयोगशाला की रिपोर्ट में भी दुष्कर्म की पुष्टि हुई थी। इसके अलावा पीड़िता के कपड़ों पर खून भी मिला था। इसमें पांच लोगों की गवाही हुई। धारा 376 व 506 दोनों में ही आरोप सिद्ध हुआ है।