संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। सपा व्यापार सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष द्वारा तस्करी व अवैध खनन से अर्जित की गई संपत्ति कुर्क करने के बाद पुलिस प्रशासन माफिया से जुड़े लोगों की कुंडली खंगालने में जुट गया है। यूपी, एमपी से लेकर देश की राजधानी तक फैले माफिया के साम्राज्य की जानकारी जुटा रही है। इसके लिए एसपी ने संबंधित प्रांतों व जनपदों की पुलिस को पत्र भेजा है।
गुरुवार को सपा व्यापार सभा के उपाध्यक्ष केशव बाबू शिवहरे, उसके भाई विष्णु शिवहरे व बेटे दीपक की 1.42 अरब की संपत्ति कुर्क की गई। जिसमें इनके वाहन, बैंक खाते, क्रेशर प्लांट, तीन काॅलेज व 12 रिहायशी मकान समेत तमाम संपत्ति शामिल है। मादक पदार्थों की तस्करी व अवैध खनन से अर्जित इन संपत्तियों के अलावा अन्य संपत्तियों की पुलिस तलाश कर रही है।
जानकारी के अनुसार माफिया के पास यूपी में प्रयागराज, नोयडा, ग्रेटर नोयडा, यमुना अथाॅरिटी के अलावा मध्य प्रदेश के सतना व दिल्ली के द्वारिका में संपत्ति होने का पुलिस को अंदेशा है। जिसे लेकर एसपी डाॅ. दीक्षा शर्मा ने उक्त सभी स्थानों की पुलिस को पत्र भेज जानकारी मांगी है। एसपी के अनुसार जानकारी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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जोन स्तर भी होगी जांच
- एडीजी जोन प्रयागराज भानू भास्कर ने भी जोन स्तर भी इनकी संपत्ति की जांच के निर्देश दिए हैं। जाेन के अंतर्गत आने वाले सभी जनपदों हमीरपुर, महोबा, बांदा, चित्रकूट, प्रतापगढ़, फतेहपुर, कौशांबी व प्रयागराज पुलिस को इसकी जांच के आदेश दिए गए है।
कॉनट्रेक्ट किलिंग के मामले में हुआ था बरी
हमीरपुर। करीब 28 वर्ष पूर्व जिले के शराब कारोबारी अधिवक्ता की हत्या के मामले में सपा व्यापार सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष पर कॉनट्रेक्ट किलिंग का आरोप लगा था। जिसमें अदालत ने इसे बरी कर दिया था। जबकि दो आरोपियों को सजा सुनाई गई थी।
एक जुलाई 1995 में स्थानीय कोर्ट परिसर में शराब कारोबार से जुड़े अधिवक्ता बृजेंद्र सिंह पर बम फेंककर उनकी हत्या कर दी गई। जिस पर शराब कारोबार में पार्टनर रहे केशव बाबू शिवहरे पर प्रयागराज के दो अपराधियों से बम फिकवाने का आरोप लगा था। इसके पीछे शराब कारोबार में रुपयों की बेइमानी करने की नियत का कारण बताया गया। जनपद में ट्राॅयल चलने के बाद मामले का स्थानांतरण बांदा न्यायालय हो गया। जहां अदालत ने 1998 में केशवबाबू को बरी कर दिया जबकि दो अन्य आरोपियों को सजा सुनाई थी।
गैंगस्टर मामले की जल्द पूरी होगी विवेचना
- एसपी डॉ. दीक्षा शर्मा ने बताया कि केशव बाबू शिवहरे के खिलाफ जिले की अलग-अलग कोतवाली क्षेत्र के अलावा महोबा जनपद, मध्य प्रदेश व राजस्थान में 22 मुकदमें दर्ज है। वहीं उसके बेटे पर मौदहा कोेतवाली में 12 व भाई विष्णु के खिलाफ नौ मामले दर्ज है। एसपी के अनुसार सभी मामलों की विवेचना पूरी हो चुकी है। केवल बीते माह हुई गैंगस्टर की कार्रवाई की विवेचना लंबित है। जिसे एक सप्ताह में पूरा कर लिया जाएगा।
तीन बार हो चुकी गैंगस्टर की कार्रवाई
-एसपी के अनुसार केशव बाबू शिवहरे व उसके बेटे व खिलाफ तीन बार गैंगेस्टर की कार्रवाई हुई है। जिसमें वर्ष 2003, 2007 में दो मकान और चार बैंक खाते सीज हुए थे।
तनाव में रहा माफिया, बढ़ाई बैरक की निगरानी
- केशव बाबू शिवहरे, उसके बेटे दीपक व भाई विष्णु को जिला कारागार की बैरक नंबर चार में रखा गया है। जेल सूत्रों के अनुसार पुलिस की कार्रवाई के बाद केशव शिवहरे तनाव में रहा। गुरुवार की रात करवट बदल कर काटी। केशव बाबू मधुमेह का रोगी है। जिसे इंसुलिन की डोज दी जाती है। ऐसे में प्रशासन के निर्देश पर उसकी जिला कारागार में चिकित्सा की दृष्टि से निगरानी बढ़ा दी गई है।
विरासत में मिला शराब कारोबार
मौदहा। क्षेत्र के लेवा गांव के मूल निवासी केशव बाबू शिवहरे के सुंदरलाल ने करीब पांच दशक पूर्व खेती किसानी के साथ शराब का ठेका चलाने का काम शुरू किया। गांव में रंजिश के चलते वह सिसोलर गांव में बस गए। साथ ही कारोबार को और बढ़ाया। केशव ने बड़े होकर इसे संभालना शुरू किया। जिसके बाद कारोबार जनपद के साथ गैर जनपदों तक फैलाया। कई बार नशीले पदार्थों की तस्करी के आरोप लगे। वही इस दौरान संपत्ति में भी खासा इजाफा हुआ।