पौथिया गांव स्थित जलनिगम की प्रयोगशाला में लटका ताला।
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जलनिगम की गांव में स्थापित वाटर टेस्टिंग प्रयोगशाला बेमकसद साबित हो रही है। हैंडपंपों से निकलने वाले पानी की गुणवत्ता जानने के लिए प्रयोगशाला स्थापित की गई। इसके लिए जांच किट भी दी गई लेकिन इसका प्रयोग नहीं हुआ। हाल ये है कि प्रयोगशाला पर ताला लटका है।
विकासखंड सुमेरपुर क्षेत्र के पौथिया गांव में लगभग 12 साल पहले वाटर टेस्टिंग के लिए प्रयोगशाला का निर्माण हुआ था। इसका उद्देश्य गांवों में लगाए जाने वाले हैंडपंप और कुओं के पानी की गुणवत्ता जांचना था। जलनिगम ने प्रयोगशाला स्थापना के समय ब्लॉक स्तर पर प्रधानों को जांच किट भी दी थी लेकिन इसका प्रयोग नहीं हुआ। लैब परिसर को जलनिगम ने स्टोर बना रखा है। यहां हैंडपंप के पाइप, सरिया सहित अन्य सामान रखा है।
गांव के प्रधान आनंद अशोक सचान ने बताया कि उन्हें इस प्रयोगशाला के बारे में जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि वह इसकी जानकारी कर प्रशासन से इसे दोबारा चलाने के लिए पत्र लिखेंगे। जल निगम के अधिशासी अभियंता आरएस मौर्य ने बताया कि पौथिया गांव में वाटर टेस्टिंग के लिए जल निगम की प्रयोगशाला स्थापित है। इस प्रयोगशाला में आकर कोई भी व्यक्ति सरकारी हैंडपंप या पेयजल नलकूप के पानी का जांच करा सकता है। इसके लिए संबंधित व्यक्ति को 500 रुपये की रसीद जल निगम से कटवानी पड़ेगी।