चार साल पूर्व थाना जरिया के पवई गांव में शराब पीने के दौरान हुए विवाद में हुई अधेड़ की हत्या के मामले की सुनवाई गुरुवार को अपर सत्र न्यायाधीश राधेश्याम यादव की अदालत में हुई। अदालत ने इस मामले में दो अभियुक्तों को दोषी पाते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
सहायक शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) राकेश सिंंह यादव ने बताया कि पवई गांव में 25 मई 2012 की रात करीब 12:30 बजे शिवकुमार सिंह अपने दरवाजे पर अपने दोस्त वीरा निवासी जगत सिंह पुत्र रमाशंकर व धर्मवीर पुत्र परसी के साथ शराब पी रहा था। तभी नशेबाजी में शिवकुमार का किसी बात पर झगड़ा दोस्तों से हो गया।
झगड़ा होने पर शोरशराबा सुनकर पहुंचे पड़ोसियों ने समझा बुझाकर अलग कर दिया। लेकिन अभियुक्त जगत सिंह और धर्मवीर उसे जान से मारने की धमकी देते हुए निकल गए। वहीं शिवकुमार अपने भांजे धर्मेंद्र के साथ दरवाजे पर चबूतरे में ही सो गया। घटना के अनुसार उसी रात दोनों अभियुक्तों ने चाकू व कुल्हाड़ी से शिवकुमार की हत्या कर दी।
हत्या करते समय भांजा धर्मेंद्र जाग गया। डर के कारण वह बगल में छिप गया। उसने देखा कि मामा के साथ दारू पीने वाले दोनोें व्यक्तियों के साथ एक और अज्ञात व्यक्ति था। जिन्होंने उसके मामा की हत्या कर दी। इस हत्याकांड की रिपोर्ट मृतक शिवकुमार के भाई वीरपाल सिंह ने दो लोगों को नामजद कर एक अज्ञात के खिलाफ दर्ज कराई।
लेकिन थाना जरिया पुलिस अज्ञात हमलाकर को नहीं ढूंढ सकी। इस हत्याकांड की सुनवाई गुरुवार को अपर सत्र न्यायाधीश राधेश्याम यादव की अदालत में हुई। अदालत ने अभियुक्त जगत सिंह व धर्मवीर को दोषी पाने पर सश्रम आजीवन कारावास व 10 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई।