फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hamirpur News: नाबालिग को पार्क से ले जाकर दुष्कर्म के दोषी को उम्रकैद

विज्ञापन
विज्ञापन
पॉक्सो कोर्ट ने सुनाई सजा, 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया
विज्ञापन



संवाद न्यूज एजेंसी

हमीरपुर। पॉक्सो कोर्ट के न्यायाधीश अनिल कुमार खरवार ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म के मामले में मंगलवार को फैसला सुनाया है। आरोपी को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। इसी के साथ 15 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित भी किया है। आदेश में अर्थदंड जमा न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।

अभियोजन के अनुसार पीड़ित पक्ष की ओर से शहर कोतवाली पुलिस को दी गई तहरीर में बताया गया था कि उसकी नाबालिग पुत्री शाम चार से पांच बजे के बीच अम्बेडकर पार्क घूमने गई थी। पुत्री के साथ गए अन्य बच्चे घर लौट आए लेकिन वह वापस नहीं पहुंची। परिजनों ने तलाश शुरू की और कोतवाली उसकी गुमशुदगी की सूचना दी। 29 नवंबर 2023 को पुलिस प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की तो सीसीटीवी फुटेज में एक युवक के साथ उसे साइकिल पर जाते हुए देखा गया। पुलिस ने सिटी फॉरेस्ट की कच्चे रास्ते से नाबालिग को बरामद किया। इसके उसके 161 व 164 के बयान कोर्ट में दर्ज कराए। चिकित्सीय परीक्षण कराया गया। प्राथमिकी में धाराएं बढ़ाई गई। जालौन जिले के कदौरा निवासी आरोपी सागर उर्फ सुरेंद्र के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। कोर्ट में चली सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए गए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायाधीश ने आरोपी को दोषी करार दिया। जारी आदेश के मुताबिक दोषी को धारा 363 आईपीसी में पांच वर्ष के कठोर कारावास और तीन हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। इसके अलावा पॉक्सो एक्ट की धारा छह में आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने तथा धारा 506 आईपीसी में एक वर्ष के कठोर कारावास और दो हजार रुपये जुर्माने की सजा दी गई है। जुर्माना न देने पर अलग से साधारण कारावास भुगतना होगा। अदालत ने स्पष्ट किया कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन



पीड़िता की गवाही बनी अहम आधार
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से पीड़िता समेत चार गवाह पेश किए गए। पीड़िता ने अदालत में आरोपी की पहचान की और घटना के संबंध में बयान दिया। न्यायालय ने उपलब्ध मौखिक एवं दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी माना।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें