विशेष एससी/एसटी न्यायालय के न्यायाधीश शमशुलहक ने सुमेरपुर कस्बे के इमिलियाथोक मोहल्ले में करीब साढ़े 12 साल पहले हुए दोहरे हत्याकांड में दोषी पाए गए चार सगे भाइयों सहित 18 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई।
प्रत्येक पर 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। सजा पाने वालों में मुख्य आरोपी इदरीश व उसके तीन भाई हैं। अन्य आरोपियों में भी पिता-पुत्र व सगे भाई हैं।
अभियोजन के मुताबिक इमिलियाथोक निवासी किसान यूनियन के नेता रणधीर सिंह व इदरीश के बीच 68 डिसमिल जमीन का विवाद था। यह जमीन मंदिर और मदरसे के बीच है।
रणधीर का कब्जा था। 30 जुलाई 2005 को सुबह करीब 7 बजे रणधीर अपने घर के सामने मंदिर में पूजा कर रहे थे, तभी इदरीश ने अन्य लोगों के साथ धारदार हथियारों से उनकी हत्या कर दी।
फायरिंग भी की। घर में जलता हुआ गैस सिलेंडर भी फेंका। रणधीर के बेटे मंगल सिंह उर्फ अभिषेक को गोली मार दी। बचाने आई मोहल्ले की विमला पत्नी दुर्गा सोनकर को भी गोली मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई।
शासकीय अधिवक्ता शैलेंद्र कुमार सक्सेना ने बताया कि रणधीर के बेटे बलवान सिंह उर्फ राजू सिंह ने इदरीश व उसके तीन भाई मुहम्मद अहमद, सुभान, इरशाद उर्फ छोटे पुत्रगण बहादुर खां तथा वकील अहमद व उसके भाई नसीम अहमद, कमलेश कोरी, फूल सिंह व दोनों बेटे अशोक सिंह व विनोद सिंह निवासी इमिलिया थोक एवं कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या, बलवा, घर में घुसकर जानलेवा हमला करने सहित विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पुलिस ने विवेचना के दौरान मुल्ला उर्फ शमशेर, मुजीब, सिद्दीक अहमद, रसीदा निवासी इमिलियाथोक, मुब्बी उर्फ मुबीन, बच्चा व सुम्मा निवासी परछा, कलीम अहमद निवासी भौती बांदा के भी नाम शामिल किए थे।
सभी 18 आरोपियों को कोर्ट ने जेल भेजा था। कुछ समय बाद 17 को जमानत मिल गई, जबकि मुख्य आरोपी के भाई मुहम्मद अहमद उर्फ पप्पू की जमानत नहीं हो पाई और वह जेल में ही रहा।
शुक्रवार को सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुनाया। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।