आठ वर्ष एक किशोरी का अपहरण कर तीन माह तक दुराचार
करने के मामले की सुनवाई हुई। विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी संतोष कुमार
श्रीवास्तव ने आरोपी को दोषी पाकर उम्रकैद और जुर्माने की सजा सुनाई।
एससी/एसटी
न्यायालय के शासकीय अधिवक्ता राकेश कुमार यादव ने बताया कि मझगवां
थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति 12 जुलाई 2007 को पंचायत के कार्य
से मचहरी गांव गया और दूसरे दिन सुबह वापस आया।
पत्नी ने बताया कि पुत्री
सुबह 5 बजे शौचक्रिया को घर से बाहर गई थी, फिर वापस नहीं आई। पता करने पर
ग्रामीणों ने बताया कि गांव का ही आरोपी उसकी पुत्री को बहला-फुसला कर भगा
ले गया है।
तब 17 जुलाई को आरोपी के खिलाफ मझगवां थाने में मुकदमा दर्ज
कराया गया। तत्कालीन थानाध्यक्ष जितेंद्र कुमार द्विवेदी ने 3 अक्टूबर 2007
को लापता पुत्री को डकोर के घर से बरामद कर लिया।
पीड़िता ने अदालत में
बयान दिया कि आरोपी बगैर मर्जी के उससे दुराचार करता रहा। गुरुवार को
मुकदमे की सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने आरोपी को दोषी पाकर उम्रकैद व 30
हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।