फोटो07एचएएमपी- 23 केबिल को ठीक करती बिजली विभाग की टीम। संवाद
मौदहा (हमीरपुर)। कस्बा सहित आसपास के इलाके में मंगलवार को आए आंधी-तूफान के 48 घंटे बाद भी जनजीवन पूरी तरह सामान्य नहीं हो सका है। कई गांवों में अब तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई है जबकि पेयजल संकट गहराने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। खुले में रखा गेहूं भीग गया। हालांकि बिजली विभाग के कर्मचारी बृहस्पतिवार को पूरे दिन लाइनों को जोड़ने में लगे रहे।
मंगलवार शाम आए तेज आंधी-तूफान और बारिश से क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ था। तूफान की चपेट में आकर सैकड़ों पेड़ और बिजली के पोल गिर गए थे। कई मकानों के छज्जे, रेलिंग और दीवारें भी क्षतिग्रस्त हो गई थीं। सबसे ज्यादा असर बिजली और पेयजल व्यवस्था पर पड़ा है। हालांकि बिजली निगम की टीमें लगातार व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में जुटी हैं। इसके बावजूद कस्बे के कई मोहल्लों और ग्रामीण क्षेत्रों में संकट बना हुआ है।
करीब 80 प्रतिशत आबादी में बिजली आपूर्ति सामान्य हो चुकी है जबकि 20 प्रतिशत क्षेत्र अब भी अंधेरे में हैं। कुनेहटा, मांचा, कम्हरिया, मदारपुर, चकदहा और बिगहना समेत कई गांवों में बृहस्पतिवार देर रात अथवा शुक्रवार तक बिजली आपूर्ति बहाल होने की उम्मीद जताई जा रही है। उधर, जल संस्थान की ओर से जनरेटर की व्यवस्था न किए जाने से 48 घंटे बाद भी पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप रही। लोगों को राहत पहुंचाने के लिए नगरपालिका की ओर से टैंकरों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है।
इधर गुरुवार को सुबह एक बार फिर तेज हवाओं और झमाझम बारिश ने लोगों की चिंता बढ़ा दी। मंडी समिति में खुले आसमान के नीचे रखा हजारों क्विंटल गेहूं जो मंगलवार के तूफान में भीग गया था, बृहस्पतिवार को फिर भीग गया।
विद्युत उपखंड अधिकारी एके वर्मा ने बताया कि बिजली व्यवस्था बहाल करने के लिए दो टीमों में करीब दो दर्जन कर्मचारियों को लगाया गया है। गुरुवार दोपहर तक एक दर्जन गांवों की बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है। शेष क्षेत्रों में देर रात तक आपूर्ति सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है।
फोटो07एचएएमपी- 23 केबिल को ठीक करती बिजली विभाग की टीम। संवाद