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सीबीआई के रडार पर अफसर व नेता

Fri, 05 May 2017 12:05 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला हमीरपुर
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सीबीआई - फोटो : Getty
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सीबीआई ने हमीरपुर जिले में जांच पूरी कर ली है। अब फतेहपुर जिले में जांच होगी। सीबीआई ने अब तक की पड़ताल में अवैध मौरंग खनन से जुड़े 32 लोगों की सूची तैयार की है। इसमें अफसर से लेकर नेता तक शामिल हैं। खास बात यह है कि सूची में शामिल लोगों में कुछ को दिल्ली बुलाकर पूछताछ की जा सकती है। इसके बाद इनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जा सकती है।
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मौरंग खनन में सिंडीकेट के नाम पर अफसरों, नेताओं एवं माफियाओं का गठबंधन हुआ। लगातार 10 वर्षों तक चले इस कारोबार में सभी अपनी जेब गरम करते रहे। सत्ता की लंबी पहुंच रखने वाले माफिया भी अपनी पसंद का अधिकारी जिले में तैनात कराते रहे। इसी बीच अवैध मौरंग खनन में तमाम लोगों ने उच्च न्यायालय में रिट भी दायर की। इस रिट को दायर करने वालों को अफसरों ने नहीं बक्शा। ऐसे लोगों को किसी न किसी बहाने फर्जी मामले में फंसाकर तंग कर उनका मुंह बंद करा दिया। अब सीबीआई जांच हुई तो सभी के नाम सामने आ रहे हैं।

सीबीआई ने सिंडीकेट से अवैध कमाई की ली जानकारी
सीबीआई ने सिंडीकेट चलाने वाले माफियाओं के बीच होने वाली अवैध कमाई के बंदरबाट की जानकारी हासिल कर ली है। कमाई क ा 70 फीसदी हिस्सा आकाओं को भेजा जाता था। जबकि 30 फीसदी स्थानीय स्तर पर बंटता था। सिंडीकेट में तीन पार्टनर शामिल रहे। इनमें दो पार्टनर 33-33 प्रतिशत हिस्सा लेते रहे। वहीं, तीसरे पार्टनर को 17 प्रतिशत हिस्सा मिलता था। जानकारी मिली है कि सिंडीकेट की 70 प्रतिशत काली कमाई लखनऊ में बैठे आकाओं के पास जा रही थी।  
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समाज कल्याण के लिपिक से की पूछताछ      
समाज कल्याण विभाग में लिपिक ज्वाला प्रसाद से सीबीआई ने पूछताछ की। लिपिक की पत्नी सुमित्रा, साले के बेटे रमाकांत सहित कई उसके परिजनों के नाम एक दर्जन मौरंग खनन के पट्टे रहे हैं। वह पिछले 10 साल से मौरंग का खनन करते रहे हैं। इन पट्टों में सिंडीकेट संचालकों की साझेदारी रही। इस मामले की सीडी गुरुवार को जनहित याचिकाकर्ता विजय द्विवेदी एडवोकेट ने सीबीआई को सौंपी। बताया कि खनन में सिंडीकेट वसूली में रमाकांत शामिल रहा है। वह सिंडीकेट की गाड़ी लेकर मौरंग खदानों पर चेकिंग करता था।

इस सीडी के हाथ लगते ही सीबीआई ने समाज कल्याण विभाग के लिपिक ज्वाला प्रसाद को तलब कर लिया। उनसे लंबी पूछताछ की। इसी तरह मेरठ का एक ठेकेदार बेतवा नदी में रिरूआ बसरिया स्थित अन्नू अग्रवाल क ा मौरंग पट्टा चलाता रहा है। इस मामले में सीबीआई से अन्नू ने कहा है कि उसके पट्टे की रजिस्ट्री नहीं हुई है। फिलहाल इस पट्टे पर भी अवैध खनन होना सीबीआई ने पाया है। गुरुवार को कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष योगेंद्र सिंह के भाई धर्मेंद्र और छोटे से सीबीआई ने पूछताछ की है। धर्मेंद्र बड़ेरामाफ की खदान मालिक का सहयोगी बताया गया है।
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