एसडीएम व सीओ से वार्ता करते कोटेदार
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राठ कोतवाली के लींगा गांव में शुक्रवार को राशन वितरण के दौरान ग्रामीणों द्वारा कोटेदार का राशन लूटने के मामले में अधिकारियों को लंबी जद्दोजहद करनी पड़ी। शनिवार दोपहर राशन की दुकान से लूटा गया अनाज ग्रामीणों ने कोटेदार को वापस कर दिया और गलती मानने पर ही समझौता हो सका।
गौरतलब है कि शुक्रवार दोपहर कोटेदार हरचरन अहिरवार राशन की दुकान पर कार्ड धारकों को अनाज बांट रहा था। तभी गांव की आधा सैकड़ा महिलाओं और पुरुषों ने कोटेदार से मारपीट कर राशन लूट लिया। सूचना पर पहुंचे एसडीएम मोहम्मद रिजवान ने कुछ ग्रामीणों से लूटा राशन वापस दिलाया।
इस मामले में कोतवाली पुलिस ने शाम को गांव के आधा दर्जन से अधिक लोगोें को हिरासत में ले लिया। शाम को कोटेदार हरचरन ने एक दर्जन से अधिक महिलाओं और पुरुषों को नामजद कर तहरीर दी। जिसमें सैकड़ों बोरी राशन लूटकर मारपीट करने और गुल्लक से 7300 रुपये लूटना बताया गया। जिससे सैकड़ों ग्रामीण कोतवाली में जमा हो गए।
फिलहाल देर रात तक राजीनामा के प्रयास असफल रहे। शनिवार को फिर थाने में कोटेदार और ग्रामीणों के बीच समझौते को लेकर वार्ता चली। इस दौरान एसडीएम मोहम्मद रिजवान, सीओ योगेश कुमार, कोतवाली जगदेव प्रसाद यादव ने ग्रामीणों की गलती मानते हुए उन्हें गलत कार्य करने को लेकर डांटा डपटा।
बाद में कोटेदार यूनियन और ग्रामीणों के बीच कोटेदार का लूटा हुआ माल वापस करने और गलती मानने के लिखित आश्वासन पर दोनों पक्षों में समझौता हुआ। इस दौरान सीओ और एसडीएम ने ग्रामीणों से कहा कि गुंडई किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कहा यदि राशन वितरण में कोई समस्या है तो वह उन्हें बताएं। कहा कि गांव में हरहाल में शांति स्थापित रहनी चाहिए।