हमीरपुर। कोरोना से बचाव के लिए जिला कारागार में डिस्टेंसिंग का पालन हो रहा है। बंदी जेल पीसीओ से अपने परिजनों से बात कर रहे हैं। वहीं सात साल से कम सजा वाले करीब 100 कैदियों को पैरोल पर छोड़े जाने की सूची शासन में भेजी गई है।
डीजी जेल आनंद कुमार के निर्देश पर नियमों में थोड़ी शिथिलता दी गई है। बंदियों को उनके खुद के शपथ पत्र पर जेल पीसीओ के उपयोग की अनुमति दी गई है। जेलर पीके त्रिपाठी ने बताया कारागार में 700 बंदी निरुद्ध हैं। अब तक 473 बंदियों की बात उनके परिजनों से कराई जा चुकी है।
फोन पर बात करते समय बंदी घरवालों को अपना हाल चाल तो बता ही रहे हैं साथ ही अपनों को भी इस महामारी से बचाव के लिए हर संभव सावधानी व हाथों को नियमित साबुन से धुलते रहने की सलाह दे रहे हैं।
इसके अलावा जेल में बंदी तीन परत के मास्क की सिलाई में भी लगे हैं। रोजाना जेल परिसर व बैरकों में सैनिटाइजर का छिड़काव कराया जा रहा है। बंदियों के पैरोल पर रिहा किए जाने के मामले में जेलर ने कहा जिला कारागार से सौ बंदियों की सूची मुख्यालय भेजी गई है।
पालिका के वाहनों से मजदूरों को छोड़ा
हमीरपुर। लॉकडाउन के कारण दूसरे प्रदेशों में मजदूरी करने वाले घरों को लौटने लगे हैं। यातायात के साधन बंद होने के चलते यह मजदूर पैदल ही अपने घरों को जा रहे हैं। कई दिन चलने के बाद सैकड़ों किमी की दूरी तय कर भूखे प्यासे चल रहे हैं। मुख्यालय से निकलने वाले ऐसे मजदूरों को नगर पालिका की ओर से कुछेछा के राजकीय डिग्री कालेज के रैन बसेरा में खाना खिलाने के साथ वाहनों से सीमा तक भिजवाया जा रहा है। चेयरमैन कुलदीप निषाद ने बताया बाहर से आने वाले मजदूरों की हर संभव मदद की जा रही है।
साहब घर में राशन नहीं, कैसे भरें पेट
राठ। गुलाब नगर निवासी सुखदेव सोनी ने यूपी 112 पर फोन कर बताया वह एक दुकान पर काम करता था। लॉकडाउन में दुकान बंद होने पर अब पेट भरना मुश्किल हो रहा है। कोतवाल मनोज शुक्ला के निर्देश पर थाना व यूपी 112 के कर्मचारियों ने अपने स्तर से राशन की व्यवस्था की। कोतवाली के कांस्टेबल उमाशंकर शुक्ला व अंशुल ने घर पहुंच उसे राशन उपलब्ध कराया।
राठ के गुलाबनगर में जरूरतमंदों को राशन देते पुलिसकर्मी- फोटो : HAMIRPUR