हमीरपुर। कोरोना का फैलाव रोकने के लिए जिले में मौरंग व्यवसाय को बंद करा दिया गया है। 26 खदानें बंद की गई हैं। इनमें काम कर रहे हजारों मजदूर और करीब पांच हजार से अधिक चालक खलासी भी घर बैठ गए हैं।
देश में कोरोना का फैलाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इसकी चेन को तोड़ने के लिए सरकार ने एहतियातन फैसला लेते हुए खदान पर लाकडाउन किया है। जिला खनिज अधिकारी शनि कौशल ने बताया कोरोना के फैलाव को देखते हुए मौरंग खदानों की ओटीपी बंद की गई है। कहा इससे करोड़ों रुपये के राजस्व को झटका लगेगा। खदानें बंद होने से मौरंग परिवहन में लगे ट्रकों के पहिये थमना स्वाभाविक है। हर रोज करीब ढाई हजार ट्रक मौरंग का परिवहन करते हैं।
चालक और खलासी के परिवारों के भरण पोषण में दिक्कत आएगी। पांच हजार ट्रक चालक और खलासी घर बैठ गए हैं। कहा कि खदानों में काम करने वाले करीब दस हजार गरीबों के सामने रोजी रोटी का संकट गहरा गया है। कोरोना को लेकर हर जगह सन्नाटा पसरा है। मौरंग कारोबारी अशोक सचान ने बताया सरकार के फैसले जनहित के हैं जो समय रहते बहुत जरूरी हैं। एक बड़े नुकसान को बचाने के लिए इससे कोई दूसरा रास्ता नहीं है।
होटल व्यवसाय भी धड़ाम, लेबर घर लौटे
कोरोना के खौफ से होटल और भोजनालय बंद हैं। जनता कर्फ्यू के बाद कुछ होटल खुले, लेकिन ग्राहकों के न आने से व्यवसाय पूरी तरह से धड़ाम हो गया है। होटल व्यवसायी दीपू ने बताया कोरोना के भय के कारण ग्राहक घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं। जो लोग आ रहे हैं वह सिर्फ पानी पीकर निकल जाते हैं। बस स्टाप के पास वाजपेयी होटल, कंचन होटल सहित अन्य सैकड़ों होटल भी ग्राहक न आने से बंद हैं और कारीगर घर लौट गए हैं।
कोरोना की रोकथाम तक लॉकडाउन की मांग
राठ। कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए अनिश्चितकालीन लॉकडाउन की मांग उठने लगी है। राठ जिला बनाओ आंदोलन के अगुआ जनसेवक मलखान सिंह निषाद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेज जनता कर्फ्यू की सराहना की है। कहा इस महामारी से निपटने के लिए पूरे देश की जनता को एकजुट होना होगा। प्रधानमंत्री से संपूर्ण देश में एकसाथ लॉकडाउन की मांग की है। कहा जब तक इस महामारी पर रोकथाम नहीं होती तब तक लॉकडाउन जारी रहना चाहिए। संवाद
ई-पॉस मशीनों को बताया खतरे की घंटी
भरुआसुमेरपुर। कोरोना का खौफ राशन विक्रेताओं (कोटेदार) में भी है। राशन विक्रेता ई-पॉस मशीन से अनाज वितरण करने से घबरा रहे हैं। उनका मानना है जब बायोमीट्रिक हाजिरी बंद है तो इस मशीन से वितरण करना खतरे से खाली नहीं है। कहा मौजूदा समय में अन्य प्रदेशों में काम करने वाले कार्ड धारकों के परिवार भी आ चुके हैं। ऐसी स्थिति में ई-पॉस मशीन का चलाना खतरे से खाली नहीं है। फेयर प्राइस शॉप ने मैनुअल तरीके से अनाज वितरण कराने की मांग की है। इंगोहटा के कोटेदार माया देवी के प्रतिनिधि रामबाबू ने कहा कि ई-पॉस मशीन में हर राशन कार्ड धारक को अंगूठा लगाना होता है। हर बार कोटेदार को भी मशीन में अपना अंगूठा लगाना होता है।
इस तरह से कोरोना का संक्रमण फैल सकता है। कस्बे के वार्ड संख्या-12 निवासी राशन कार्ड धारक सिद्धगोपाल ने कहा ई पॉस मशीन में अंगूठा लगाने पर ही राशन मिलता है। मशीन में अलग अलग लोगों के उंगलियों के निशान लगाना खतरे से खाली नहीं है। कस्बे के वार्ड संख्या-एक के राशन कार्ड धारक राजेंद्र का कहना है कोरोना का शोर चारो तरफ है।
एक दूसरे के छूने से फैलने की बात कही जा रही है। ऐसे में ई पॉस मशीन पर अंगूठा लगाए बिना राशन नहीं दे रहे हैं। जो ठीक नहीं है। क्रय विक्रय सहकारी समिति के सचिव शुभम त्रिपाठी का कहना है मौजूदा समय में ई पॉस मशीन चलाना किसी खतरे से कम नहीं है। इस व्यवस्था को हटाकर मैनुअल व्यवस्था लागू किया जाए। डीएसओ, रामजतन यादव ने कहा राशन दुकानों को निर्देशित किया है कि दुकान में साबुन व पानी रखें। कार्ड धारक अंगूठा लगाने से पहले व बाद में साबुन से हाथ साफ करेंगे।
दूसरे प्रांतों में फंसे तमाम मजदूर वर्ग
हमीरपुर। कोरोना के खतरे को लेकर हर कोई सहमा है। इसी के चलते सैकड़ों लोग घर लौट चुके हैं। इसके बावजूद अभी भी तमाम लोग वहीं फंसे हैं। परदेश में रह रहे लोगों के परिजन बेहद चिंतित हैं। गुजरात में रह रहे ब्लाक कुरारा के डामर निवासी पानलाल कुशवाहा ने अपने बेटों व बहू तथा नाती को लेकर उनका हालचाल जाना। जिले के हजारों मजदूर वर्ग के लोग देश के विभिन्न प्रांतों में मजदूरी कर रहे हैं। जिसमें काफी लोग अपने वतन वापस नहीं आ सके हैं।
सूरत में रह रहे पानलाल कुशवाहा के मंझले पुत्र नारायण ने कहा कि वह लोग आराम से हैं। 22 मार्च से काम बंद कर दिया है। नारायण ने कहा वह लोग पान पूरी बेचने का थोक व्यापार करते हैं। बताया उसके साथ बड़ा भाई देवेश भाभी पार्वती, छोटा भाई तुलाराम व अन्य लोग साथ में रहते हैं। बताया उसका एक छोटा भाई संदीप करीब आठ दिन पूर्व गांव में फसल कटाई को लेकर आ गया है। नारायण ने बताया यहां उनका परिवार पिछले करीब 10 साल से रह रहा है।
बाहर जाने वाली डाक पर रोक
हमीरपुर। लॉकडाउन के आदेश होने से सोमवार से प्रधान डाकघर में बाहर जाने वाली डाक पर रोक लगा दी गई है। जिससे केवल शहर की ही डाक का वितरण हो रहा है। पोस्टमास्टर ओपी गुप्ता ने बताया लॉकडाउन से ट्रेन व बसों का संचालन नहीं हो रहा है। जिससे बाहरी डाक आने जाने में असुविधा हो रही है।
सऊदी अरब व अन्य प्रांतों से लौटे लोग
मौदहा। सऊदीअरब, मुंबई, सूरत, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, पुणे, अहमदाबाद आदि क्षेत्रों में काम करने वाले लोग कोरोना के चलते अपने घरों को लौट रहे हैं। जिससे ग्रामीण चिंतित हैं। मंगलवार को सऊदीअरब के विभिन्न स्थानों से आए पांच युवकों ने प्राथमिक जांच के बाद बीमारी के कोई लक्षण न मिलने पर उन्हें घर में रहने को कहा गया।
दो दिनों से बाहर रह रहे लोगों के लौटने का सिलसिला तेज है। गैर प्रांतों में कार्य करने वाले कई गांवों के लोग अपने घर लौटे आए हैं। वहीं मुंबई से छह लोग आए थे। यह लोग मुंबई में होटल व फुटपाथ पर दुकानें लगाने के साथ मजदूरी करते हैं।
सीएचसी अधीक्षक डा. अनिल सचान ने बताया उन्हें लगातार सूचना मिल रही है कि बाहरी प्रदेशों में काम कर रहे मजदूर अपने घरों को लौट रहे हैं। उन पर नजर रखने के लिए गांव में तैनात विभागीय कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं। मंगलवार को सऊदी अरब से पांच युवक अस्पताल आए। जिनका स्वास्थ्य परीक्षण कर केंद्र सरकार से निर्धारित फार्म भरवाकर सूचनाएं दर्ज की गई हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने खोला कंट्रोल रूम
हमीरपुर। कोरोना के फैलाव पर अंकुश लगाने के लिए विभाग अलर्ट है। जिसको लेकर विभाग ने एक कंट्रोल रूप भी संचालित किया है। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एंबुलेंस सक्रिय रहेगी। सीएमओ डा. आरके सचान ने बताया एंबुलेंस की सेवा में सक्रियता लाई गई है। कोरोना से संबंधित जानकारी के लिए एक कंट्रोल रूम टीवी अस्पताल के पास बनाया गया है। जिसका नंबर 05282-225491 है। कंट्रोल रूम में आठ-आठ घंटे के लिए तीन-तीन कर्मचारियों को लगाया गया है।