मौदहा कसबे के मराठीपुरा मोहल्ले में रह रहे एक छात्र का बेहोशी की दवा
सुंघाकर बदमाशों ने अपहरण कर लिया। इंटरसिटी ट्रेन से ले जाते समय हमीरपुर
रोड रेलवे स्टेशन पर होश में आने पर छात्र मौका पाकर भाग निकला। परिजनों ने
कहा कि घटना की सूचना पुलिस को दी है।
सिसोलर क्षेत्र के गांव भमई के
ग्राम प्रधान दिनेश शुक्ला व उसके भाई जगदीश शुक्ला कसबे के मराठीपुरा
मोहल्ले में बालाजी मंदिर के निकट परिवार के साथ रहते हैं। घटना के मुताबिक
प्रधान के भतीजे मयंक (14) ने बताया कि वह सरस्वती विद्या मंदिर में कक्षा
9 का छात्र है।
बुधवार शाम 4 बजे वह अपने घर के निकट कोचिंग पढ़ने गया।
टीचर को कुछ आने में देरी थी, जिस कारण वह बाजार पेन लेने चला आया। पेन
लेकर लौटते समय कोतवाली के पीछे बने शौचालय में वह पेशाब करने लगा। तभी
पीछे से आए किसी अज्ञात ने उसकी आंखें बंदकर कुछ सुंघा दिया। फिर कहां ले
गए, वह बता नहीं सकता।
मयंक ने बताया कि हमीरपुर रोड रेलवे स्टेशन में जब
उसे होश आया तो वह ट्रेन की बर्थ के ऊपर लेटा था। फिर वह बर्थ से नीचे उतरा
तो उसकी आंखें बंद हो रही थीं। तभी एक युवक ने टांका कि कहां जा रहे हो।
उसने कहा कि बाथरूम और वहां जाकर मुंह धोकर पेशाब की। जैसे ही बाहर निकला
तो गेट के पास खड़े एक व्यक्ति से स्टेशन का नाम पूछने वह तेजी से नीचे
उतरकर हमीरपुर रोड रेलवे स्टेशन पर स्टेशन मास्टर के कक्ष में घुस गया।
स्टेशन मास्टर को सारी बात बताई और अपने चाचा दिनेश को फोन किया। बताया कि
फिर स्टेशन मास्टर ने चाचा से बात करने के बाद उसे कानपुर से बांदा महोबा
जाने वाली पैसेंजर ट्रेन के गार्ड के डिब्बे में सुरक्षित बैठाकर भेज दिया।
तभी प्रधान परिजनों समेत रागौल स्टेशन पहुंच गए और उसे घर ले आए।
प्रधान
ने बताया कि वह रात में ही गांव चले आए थे। इस घटना की सूचना पुलिस को दी
है। वहीं थाना प्रभारी रज्जनलाल त्रिपाठी का कहना है कि यह मामला उनके
संज्ञान में नहीं है। छात्र से मिलकर घटना की जानकारी कर कार्रवाई करेंगे।