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बारावफात पर शायरों ने पेश किए कलाम

Thu, 24 Dec 2015 11:33 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो हमीरपुर।
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पैगंबर ए इस्लाम मुहम्मद साहब की यौमे पैदाइश के मौके पर कजियाना मोहल्ला की जामा मस्जिद परिसर में आल इंडिया नातिया मुशायरा का आयोजन हुआ। जिसमें अन्य जनपदों के जाने माने शायरों ने अपने कलामों से लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
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बारावफात पर्व की पूर्व संध्या पर आयोजित नातिया मुशायरे की शुरुआत नात पाक से हुई। कानपुर से आए शायर कारी कलीम नूरी के कलाम, ‘मेरे मुस्तफा आ गए, असर ले के आए दुआयें खलीली, चमकने लगी आमिना की हवेली, वो नूरे खुदा आ गए, मेरे मुस्तफा आ गए’, को खूब सराहा गया। 

शायर शाने आलम बहराइचवीं का कलाम- ‘खानए काबा में बुत है गिरे औधें मुंह, इन पे पड़ी है मार रविउल अव्वल में’ को भी पसंद किया गया। शायर आरिफ रजा बरेलवी ने पढ़ा, ‘सबसे आला बा बाला हमारा नबी, सब चमक वालों में चमका हमारा नबी’।
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इस मौके पर आशुतोष सिंह डब्बू, जिला पंचायत सदस्य कौशल महाराज, लाला प्रधान सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। मुशायरे को कामयाब बनाने में शहर काजी शफकत अली, परवेज, शब्बीर भाई, याकूब भाई, अमन, चमन व ऐनुल की प्रमुख भूमिका रही। अजीम खान ने सभी का शुक्रिया अदा किया। मुशायरा तड़के तक कामयाबी के साथ चलता रहा।
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