हमीरपुर। जोड़ों में दर्द, कमर में जकड़न व पैर-हाथ में सुन्नपन के मरीजों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है। चिकित्सकों के अनुसार, अनदेखी में यह बीमारी जटिल समस्या का रूप लेती जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि समय से ऑपरेशन न होने से लकवा सहित अन्य अंगों के प्रभावित होने की आशंका बढ़ जाती है। आंकड़ों पर गौर करें तो नसों से जुड़ी समस्या लेकर रोजाना जिला अस्पताल में 100 से अधिक बुजुर्ग व अधेड़ मरीज आ रहे हैं। इनमें से बैकपेन यानी कमर में गंभीर दर्द की शिकायत है।
मौसम में बदलाव का असर अब लोगों की सेहत पर दिखाई देने लगा है। खासतौर से गठिया (ऑर्थराइटिस) के मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 40 से 50 मरीज जोड़ों में दर्द, सूजन और अकड़न की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। इनमें बुजुर्गों के साथ-साथ युवा और मध्य आयु वर्ग के लोग शामिल हैं। चिकित्सकों का कहना है कि तापमान में उतार-चढ़ाव, सुबह-शाम की ठंड हवा और वातावरण में बढ़ी नमी गठिया के मरीजों के लिए परेशानी का कारण बनती है। मौसम बदलते ही पुराने मरीजों का दर्द बढ़ जाता है, जबकि कई लोगों में पहली बार जोड़ों में जकड़न और सूजन की समस्या सामने आ रही है। खासकर घुटनों, कंधों, कमर और हाथों की उंगलियों में दर्द की शिकायत अधिक मिल रही है। बुधवार को जिला अस्पताल में 578 पर्चे बने। इनमें 270 पुरुष, 212 महिला व 96 बालरोगी शामिल रहे। मेडिसिन के साथ आर्थो विभाग में मरीजों की लंबी कतारें लगी रहीं।
जिला अस्पताल के ऑर्थो विशेषज्ञ डॉ. विपिन राजपूत कहते हैं कि मरीजों को जांच कराकर दवा दी जा रही हैं। जरूरत पड़ने पर ऑपरेशन की सलाह दी जाती है। अस्पताल में पर्याप्त दवाएं और जांच की सुविधा उपलब्ध है।
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गठिया से सावधानी बरतने के सुझाव
- बदलते मौसम में गठिया रोगी न बरतें लापरवाही।
- मरीजों को सुबह-शाम ठंड से बचाव के लिए शरीर को ढककर रखना चाहिए।
- लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठने या खड़े रहने से बचें।
- डॉक्टर की सलाह के बिना दवाइयों में बदलाव न करें।
- दर्द कम होने पर बंद न करें दवा
- शरीर में विटामिन-डी और कैल्शियम की न होने पाए कमी