सिसोलर गांव में पेयजल विस्तार के लिए मिले 1.08 करोड़ रुपये खर्च करने में विभागीय अधिकारी व ठेकेदार हीलाहवाली कर रहे हैं। सीडीओ ने शुक्रवार को पेयजल योजना का निरीक्षण किया। उन्होंने नाराजगी जताते हुए ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश जलनिगम को दिए हैं।
सीडीओ ने बताया कि पिछले वर्ष मई में 21 पेयजल योजनाओं को 12.72 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए। जलनिगम ने जुलाई में यह धनराशि भी प्राप्त कर ली लेकिन किसी भी योजना को अब तक पूरा नहीं किया है। इस पर अफसरों के खिलाफ भी कार्रवाई के लिए लिखा गया है। बताया कि कुरारा विकासखंड की नौ, सुमेरपुर की चार और मौदहा विकासखंड की आठ योजनाएं चालू की जानी हैं।
कुछ दिन पूर्व तत्कालीन जिलाधिकारी विशाखजी अरतरा का निरीक्षण कर चुके हैं। उन्होंने बेहद धीमी गति से काम होने पर ठेकेदार पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे। लेकिन विभागीय अधिकारी फिर भी नहीं चेते और अब सिसोलर पेयजल योजना के लिए दिए 1.08 करोड़ की धनराशि को ठिकाने लगाने की जुगत में है। कहा कि निरीक्षण में पाया कि दो नलकूपों में एक ध्वस्त पड़ा है। टंकी में पहुंचने वाला पानी बेवजह बह रहा है। पाइप लाइन जगह-जगह टूटी है। रास्तों से निकलना मुश्किल है। सीडीओ ने ठेकेदार पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। प्रधान विजय शंकर प्रजापति पानी को लेकर पहले ही शिकायत कर चुके हैं।