फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नहीं मिल पा रहा जेनरिक दवाओं का लाभ

Fri, 28 Apr 2017 12:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/हमीरपुर
विज्ञापन
सांकेतिक चित्र
विज्ञापन
जिले में एक भी जेनरिक मेडिसिन स्टोर नहीं होने से लोग मेडिकल स्टोराें से महंगी दवाएं खरीदने को मजबूर हैं।
विज्ञापन



सरकारी अस्पतालों में डाक्टरों की कमी से इलाज फार्मासिस्टों या लैब टेक्नीशियनों के भरोसे है। ज्यादातर अस्पतालों में खांसी जुकाम, बुखार की ही दवाएं उपलब्ध हैं। अन्य रोगाें में मरीजों को बाहर की दुकानाें से ही दवाएं खरीदने को मजबूर होना पड़ता है, जिससे मेडिकल स्टोरों पर ब्रांडेड दवाओं के नाम पर खूब खर्चा कराया जा रहा है। बताया जाता है कि इसमें चिकित्सकों की भी हिस्सेदारी होती है। इनके  द्वारा लिखी गई दवाएं सभी मेडिकल स्टोराें पर उपलब्ध नहीं होती है। ये दवाएं चुनिंदा मेडिकल स्टोरों पर ही मिलती हैं। यदि उसी फार्मूले की दवा किसी अन्य दुकान से खरीद ली तो उसे डाक्टर वापस करवा देते हैं।
विज्ञापन


ज्यादातर मेडिकल स्टोराें में ब्रांडेड दवाओं के साथ जेनरिक दवाएं भी बेची जाती हैं, हालांकि लोगों को इनकी जानकारी नहीं होती है। वहीं इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग द्वारा कभी कभार छापामारी कर महज औपचारिकता पूरी की जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें