भरुआ सुमेरपुर (हमीरपुर)। रिमझिम इस्पात लिमिटेड की फैक्टरी के दफ्तर से गुपचुप निकलने के लिए एक वैकल्पिक दरवाजा बना गया है। सूत्र बताते हैं कि जब भी कंपनी पर कोई कार्रवाई होती है प्रबंधन के अधिकारी इसी रास्ते से निकल जाते हैं।
बुधवार की रात जब आयकर विभाग का छापा पड़ा, तो कंपनी का एक कर्ताधर्ता डायरेक्टर इसी रास्ते से निकल गया। उधर, कार्रवाई के दौरान आयकर विभाग की टीम ने कंपनी के अभिलेख जब्त करके कब्जे में लिए हैं। कंपनी में 72 घंटे से उत्पादन ठप है। बाहर 200 से अधिक ट्रकों की लाइन लग गई है।
रिमझिम इस्पात लिमिटेड काफी बड़े भूभाग में संचालित की जाती है। इसके अंदर दाखिल होने के लिए वैसे तो एक ही मुख्य गेट है, लेकिन इस गेट के अलावा भी बाहर जाने के कई रास्ते हैं। बताया जाता है कि इन्हीं में एक वह दरवाजा है, जिसका प्रबंधन के लोग अक्सर संकट के समय इस्तेमाल करते हैं। वहीं, सूत्रों का दावा है कि फैक्टरी के दफ्तर से एक बोरा नकदी बरामद हुई है।
बता दें कि इससे पहले 16 नवंबर 2016 को भी फैक्टरी पर छापा मारा गया था। तब नोटबंदी का दौर चल रहा था। इसके बाद आयकर विभाग की टीम ने आठ साल बाद 27 नवंबर 2024 को छापा मारा है। बताया जा रहा है कि कंपनी के छह मैनेजर आयकर विभाग की टीम की गिरफ्त में हैं। इनसे गहनता से पूछताछ की जा रही है।
इनोवा में बोरा लादकर ले जाती दिखी आयकर की टीम
जब से आयकर विभाग की टीम फैक्टरी के अंदर दाखिल हुई है तब से बाहर नहीं आई है। बताया जा रहा है कि शनिवार को आयकर विभाग की एक इनोवा गाड़ी बाहर निकली है। उसमें कई दस्तावेजों के साथ एक बोरा लदा हुआ लोगों ने देखा है।
चर्चा है कि बोरे में नकदी भरकर आयकर मुख्यालय भेजी गई है। वहीं, कंपनी के बाहर अन्य प्रांतों से कच्चा माल लादकर आने वाले ट्रकों की संख्या बढ़ रही है। तीन दिन में 200 से अधिक ट्रक बाहर और आसपास खड़े हैं। इनमें स्क्रैप के साथ अन्य कच्चा माल लदा है।