करीब आठ वर्ष पूर्व नवविवाहिता को मार डालने के मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद मंगलवार को अपर सेशन जज/ एफटीसी द्वितीय न्यायाधीश ब्रह्मतेज चतुर्वेदी की अदालत में सुनवाई हुई। अदालत ने अभियुक्त पति को दोषी पाए जाने पर उसे आठ वर्ष पांच माह के कारावास व छह हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय के शासकीय अधिवक्ता अल्ताफ हुसैन ने बताया कि ललपुरा थानाक्षेत्र के स्वासा खुर्द गांव निवासी जोधा पुत्र कंधी ने अपनी पुत्री राममूर्ति की शादी मई 2004 में कुरारा थानाक्षेत्र के शेखूपुर गांव निवासी हरिप्रसाद पुत्र रामसनेही के साथ की थी। शादी में दिए गए दहेज से पति हरिप्रसाद, ससुर रामसनेही, सास मुलिया, जेठानी प्रभा पत्नी शिवचरन व जेठ संतुष्ट नहीं थे। जिसके चलते ससुरालीजन राममूर्ति से डेढ़ लाख रुपये व एक बाइक की मांगकर उसका शारीरिक उत्पीड़न करने लगे। शादी के चार माह बाद राममूर्ति के पिता ने मजबूर होकर कर्जा लिया और बाइक खरीद कर दामाद को दी।
मगर दहेज में डेढ़ लाख रुपये न मिलने पर बीते 13/14 जून 2008 की रात ससुरालीजनों ने राममूर्ति को मारकर फांसी पर लटकाकर आत्महत्या का रूप दे दिया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 498 ए व 306 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज किया था। मंगलवार को मुकदमे की सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ब्रह्मतेज चतुर्वेदी ने आरोपी पति हरिप्रसाद को दोषी पाए जाने पर उसे आठ साल पांच माह की कारावास व छह हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जबकि सास, ससुर, जेठ व जेठानी को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया।