फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hamirpur News: पति खोया, बेटे की हादसे में र्माैत, अब छोटे बेटे का कैसे हो इलाज

विज्ञापन
विज्ञापन
फोटो 30 एचएएमपी 13- अपने बेटे के साथ जयदेवी। संवाद
विज्ञापन






जय देवी को सता रही तीन बेटियों के विवाह की चिंता

एक सड़क हादसे में सारे सपने हो गए चकनाचूर





संवाद न्यूज एजेंसी



हमीरपुर। सड़क हादसे ने जयदेवी की सारी खुशियां छीन लीं। पति की मौत का गम भूल भी नहीं पाई थी कि जवान बेटा भी चल बसा। इसी के साथ छोटे बेटे को अफसर बनाने का सपना भी धूमिल हो गया। आज उसके कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी हैं। इकलौते बेटे का इलाज, तीन बेटियों का विवाह करना है। परिवार भी चलाना हैं। मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना से आर्थिक सहारा तो मिला, लेकिन उससे कोई काम शुरू नहीं हो पाया। हालात यह है कि आधा पैसा तो बेटे के उपचार पर ही खर्च हो गया।



बेरी गांव निवासी जयदेवी अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए फफक पड़ी। उसके आंसू रुकने का नाम ही नहीं ले रहे थे। खुद को संभालते हुए बताया कि दो साल पहले मांग का सिंदूर उजड़ गया था। सांप के काटने से पति की मौत का गम भूल भी नहीं पाई थी कि 12 मार्च 2025 को एक सड़क हादसे में जवान बेटा भी चला गया। इसी हादसे में छोटा बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। वह बांदा के अटल आवासीय विद्यालय में रहकर कक्षा छह में पढ़ रहा था। उसका सपना था कि छोटा बेटा पढ़ लिखकर अफसर बनेगा। सड़क हादसे में उसका एक पैर और एक हांथ की हड्डी टूट गई। अब उसके अफसर बनने का सपना धूमिल सा हो गया है। कानपुर में इलाज चल रहा है। सात माह हो चुके हैं। अब तक उसके इलाज पर लगभग तीन लाख रुपये खर्च हुए हैं। अभी फिर से एक ऑपरेशन होना है। हादसे में बड़े बेटे की मौततीोने पर मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना से पांच लाख रुपये की मदद मिली थी। इन पैसों को उन्होंने दिल पर पत्थर रखकर लिया था। सोचा था इससे तीनों बेटियों का विवाह करूंगी, लेकिन आधी रकम तो छोटे बेटे के इलाज पर ही खर्च हो गई।
विज्ञापन




इनसेट



इलाज के लिए बेच दिए गहने

बाइक में टक्कर मारने के बाद कार चालक गाड़ी लेकर भाग गया था। इसके बाद पुलिस ने मामला तो दर्ज कर लिया, लेकिन छोटे बेटे के इलाज में कोई मदद नहीं मिल पाई। जय देवी ने अभी तक अपने लाड़ले के इलाज में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। उस वक्त उसके पास जो थोड़ी बहुत ज्वेलरी थी उसे भी बेच डाला।




इनसेट

विधायक ने भी नहीं दिया ध्यान

क्षेत्रीय विधायक ने भी पीड़ित परिवार का ख्याल नहीं रखा। वह चाहते तो छोटे बेटे का इलाज मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना से करवा सकते थे। इसमें उन्हें अपना लैटरपेड आगे बढ़ाना था। दूसरी तरफ जयदेवी इतनी जागरूक नहीं है कि वह मुख्यमंत्री या फिर प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का लाभ ले पाती। अधिकारियों ने भी ध्यान नहीं दिया।
विज्ञापन




इनसेट

यह थी घटना

मौदहा क्षेत्र के सिसोलर मार्ग पर 12 मार्च 2025 कोे पचखुरा खर्द के पास तेज रफ्तार कार ने बाइक में टक्कर मार दी थी। इसमें 24 वर्षीय शिवम की मौत हो गई थी। काशी (13) घायल हो गया था। शिवम होली की छुट्टी पर अपने भाई को विद्यालय से लेकर वापस गांव लौट रहा था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें