सूखे पड़े खेतों में पलेवा को लेकर किसान परेशान हैं। कैनालों और नहरों में पानी नहीं है लेकिन अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे। किसानों को सिर्फ आश्वासन मिल रहा है। बेतवा नदी से संचालित सहुरापर और सहजना लिफ्ट कैनाल सिर्फ एक मोटर होने से बेकार साबित हो रहीं हैं।
सहुरापुर लिफ्ट कैनाल में छह मोटरें हैं, जिसमें मात्र एक मोटर ही चालू है। जबकि विभाग सभी मोटरें चालू होने की बात कह रहा है। सहुरापुर पंप कैनाल की 18 किमी लंबी नहरें हैं। दलहनी फसलों की बुवाई शुरू करने को लेकर किसान भटक रहे हैं। लेकिन सहुरापुर कैनाल से निकली पौथिया माइनर, उजनेड़ी, धरमपुर और महमूदपुर की माइनरें सूखी पड़ी हैं।
एक मोटर से निकलने वाला पानी बमुश्किल दो किमी के दायरे में सिमट कर गया है। यही हाल सहजना पंप कैनाल का। कैनाल में सिर्फ एक मोटर ही चलाई जा रही है। जबकि हजारों एकड़ जमीन पलेवा के लिए पड़ी है।
फर्जी रिपोर्ट भेजने का आरोप
पौथिया निवासी जगदीश, चंद्रपाल, वीरेंद्र, कमलेश, उमेश, सतीश आदि किसान डीएम से मिले। उन्होंने कहा कि अधिकारी कैनालों के चलने की फर्जी रिपोर्ट भेज रहे हैं। लघु डाल नहर विभाग लिफ्ट कैनालों को पूरी क्षमता से चलाने की बात कह रहा है, जबकि स्थिति इसके उलट है। रामलखन ने कहा कि पौथिया-कुंडौरा मार्ग का निर्माण करा रहे ठेकेदार ने बगल से गुजरी लिफ्ट कैनाल की नहर की पटरी खुदवाकर सड़क में डलवा दी है। रामप्रसाद के खेत के पास से महमूदपुर की ओर गई नहर का अस्तित्व खत्म कर दिया गया है। इससे किसान परेशान हैं।