जरिया थानाक्षेत्र के पवई गांव में गुरुवार रात अचानक लगी आग में 45 वर्षीय गृहस्वामी की जलकर मौत हो गई। सुबह दोबारा आग धधकने पर ग्रामीणों को इसकी जानकारी हो सकी। गृहस्वामी घर पर अकेला था। आग लगने का कारण अभी साफ नहीं हो सका है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज
दिया है। पवई गांव का शंकर (45) अपनी पत्नी सुमितरानी व बेटी गायत्री के साथ रहता था। उसकी दो बेटियों की शादी भी हो चुकी है। गुरुवार को पत्नी व बेटी चुरहा गांव में रिश्तेदार के यहां शादी समारोह में शामिल होने गई थीं। देर रात करीब 12 बजे शंकर के मकान से आग की लपटें उठने लगीं। आग में
पड़ोसी अमरचंद्र लोधी का भी मकान जल गया। बताया जा रहा कि ग्रामीणों ने किसी तरह रात में आग पर काबू पा लिया और आग बुझाने के बाद अपने घर चले गए। शुक्रवार की सुबह फिर शंकर के मकान में आग धधकने लगी, तो मोहल्ले के लोग फिर आग बुझाने पहुंच गए। वहां खपरैल पर जला शव
देखकर इसकी सूचना पुलिस को दी गई। मृतका के भाई मोतीलाल ने थाना पुलिस को बताया कि अज्ञात कारणों से लगी आग में उसके भाई शंकर की जलकर मौत हो गई है। इससे पहले मोहल्ले के लोगों को जानकारी थी कि शंकर भी शादी में शामिल होने गया है। शंकर की मौत के बाद परिजनों का
रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना पर पहुंचे ज्वाइंट मजिस्ट्रेट जोगिंदर सिंह व तहसीलदार मनोज कुमार ने भी घटना की जानकारी ली है। थानाध्यक्ष शिवमूरत सिंह यादव ने बताया कि आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।