तमाम प्रयासों के बावजूद अन्ना जानवराें से किसानों को छुटकारा नहीं मिल पा रहा है। बीती रात तीन किसानों की 20 बीघे में खड़ी गेहूं सहित अन्य फसलें अन्ना मवेशी चट कर गए। गौरतलब हो कि समूचे बुंदेलखंड में अन्ना जानवरों का कहर जारी है। अन्ना जानवराें से फसलों को बचाने के लिए किसान रात दिन टोलियां बनाकर रखवाली कर रहे हैं।
दो माह पूर्व ग्रामीणों ने गांव की हर गली व रास्ते को तारबाड़ी करके सील कर जानवरों को गांव के अंदर ही बंद कर दिया था। ग्रामीणों के तमाम प्रयास के बावजूद जरा सी चूक उन पर भारी पड़ जाती है। बीती रात गांव के किसान गामा द्विवेदी की छह बीघे की गेहूं की फसल, महेंद्र की तीन बीघे की मटर की फसल, नारायण द्विवेदी की आठ बीघे की गेहूं व मटर की फसल मवेशी चट कर गए। इन तीनों किसानों ने बताया कि उनके पास इतनी ही जमीन है। बैंक से ऋण लेकर फसल बोई गई थी। वह भी अन्ना जानवरों ने बर्बाद कर दी। पीड़ितों ने शासन से राहत राशि दिलाने की मांग की है।