भरुआसुमेरपुर। दो सप्ताह में कस्बे में बुखार ने पांव पसार रखा है। बुखार की चपेट में आने से कई लोगों की जान जा चुकी है। इससे यहां के लोग खौफजदा हैं। सरकारी अस्पतालों की ओपीडी बंद हैं। इस वजह से गरीबों को इलाज भी नहीं मिल पा रहा है।
हाल यह है कि कस्बे के हर वार्ड में घर-घर बुखार के मरीज हैं। निजी अस्पताल में भर्ती होने के लिए बेड कम पड़ रहे हैं। लोग प्रतिदिन कस्बे से जिला मुख्यालय अथवा कानपुर, बांदा, मौदहा आदि जगहों पर इलाज के लिए जाने को मजबूर हो रहे हैं।
कस्बे के प्राइवेट चिकित्सक डॉ.ज्ञानेंद्र पाठक, डॉ.दिनेश कुमार वर्मा, डॉ.रिजवान, डॉ.नरेश शर्मा ने बताया कि मौसम के बदलाव से बुखार फैल रहा है। इसका असर कम से कम 10 दिन तक रहता है। समय पर उपचार न होने से मौत भी सकती है। लोगों को घरों में साफ-सफाई पर ध्यान देना चाहिए। ताजा भोजन के साथ साफ सुथरा उबला हुआ पानी पीना चाहिए।