गर्भवती महिला को एंबुलेंस में बैठाते 108 की टीम।
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हमीरपुर। प्रसव पीड़ा से बेहाल एक गर्भवती के लिए 108 नंबर एंबुलेंस सेवा जीवनदायिनी बन गई। सोशल मीडिया के माध्यम से सूचना मिलने पर एंबुलेंस कर्मी पहंचे और महिला को बेहोशी की हालत में जिला महिला अस्पताल पहुंचाया। महिला ने एंबुलेंस कर्मियों का आभार जताया है।
बतादें कुरारा ब्लाक के पारा शंकरपुर गांव निवासी मान सिंह ने अपनी पत्नी अनीता (30) को बीते शुक्रवार की शाम किसी बात से झगड़कर घर से निकाल दिया। महिला तीनों बेटियों के साथ कुरारा ब्लाक के ही बेरी गांव अपने मायके जाने को निकल गई। वह कुरारा बस स्टैंड पहुंची। साधन न होने की वजह से अनीता बच्चों को लेकर थाने के पास आकर बैठ गई। तभी अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। जिसकी वजह से अनीता बेहोश हो गई। इस पूरे मामले को किसी ने सोशल मीडिया में वायरल कर दिया। खबर मिलते ही शहर से 108 नंबर एंबुलेंस के ईएमटी सरताज आलम व पायलट समरजीत सिंह 25 मिनट के अंदर मौके पर पहुंच गए।
जहां बेहोशी हालत में पड़ी गर्भवती व उसकी तीनों पुत्रियों को लेकर जिला महिला अस्पताल पहुंचे और महिला को भर्ती कराया। ईएमटी सरताज ने बताया कुछ लोगों से यह जानकारी मिली थी कि पति से किसी बात को लेकर झगड़ा होने पर महिला को घर से निकाल दिया है। इस पूरे घटनाक्रम में एंबुलेंस स्टाफ की तत्परता की सभी ने सराहना की। सीएमओ डा. आरके सचान ने भी एंबुलेंस कर्मी की प्रशंसा करते हुए कहा कोरोना महामारी के बीच एंबुलेंस स्टाफ अच्छा काम कर रहा है।
एंबुलेंस देर से आने की शिकायत
भरुआसुमेरपुर। एंबुलेंस देर से आने और प्रसव कराने के नाम पर स्वास्थ्य केंद्र में सुविधा शुल्क मांगने की शिकायत पीड़ित ने डीएम ज्ञानेश्वर त्रिपाठी से की है। बतादें सिमनौड़ी निवासी उमेश प्रजापति ने बताया उनकी भाभी दीपशिखा को शुक्रवार को प्रसव पीड़ा हुई। अस्पताल लाने के लिए 102 नंबर को कॉल किया, मगर समय से नहीं आई। आरोप लगाया वहीं प्रसव के बाद केंद्र में सुविधा शुल्क की मांग की गई। जिस पर उनकी मां ने पांच सौ रुपये दिए। जिसे स्वास्थ्य कार्यकत्री ने फेंक दिया और अभद्रता की। पीड़ित ने डीएम व सीएमओ को अवगत करा जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डा. महेश चंद्रा ने बताया मामला उनके संज्ञान में नहीं है।