गहरौली अस्पताल में खाली पड़ी चिकित्सकों की कुर्सियां।
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स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की लापरवाही से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में शिविर महज बीस मिनट में समाप्त कर दिया गया। वहीं स्पेशलिस्ट डाक्टरों को दिखाने के लिए लालसा लिए 110 मरीज विलंब के कारण वापस लौट गए।
शिविर में देर से पहुंचने का कारण डाक्टराें ने सीएमओ कार्यालय से वाहन देरी से उपलब्ध कराना बताया गया। पं.दीनदयाल उपाध्याय स्वास्थ्य योजना के तहत गुरुवार को नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में दोपहर 12 से शाम पांच बजे शिविर लगना था। जिसका गांव में प्रचार प्रसार भी किया गया।
शिविर में जिला अस्पताल के स्पेशलिस्ट डाक्टरों को भाग लेना था। इसको लेकर दो बजे तक मरीजों की भारी भीड़ रही। शाम चार बजे तक डाक्टर नहीं पहुंचे। वेद भास्कर द्विवेदी, नीलू, राहुल सहित एक सैकड़ा मरीज बिना डाक्टरों को दिखाए लौट गए। उधर शाम पौने पांच बजे अचानक डाक्टरों की टीम पहुंची।
उन्हें मरीज नहीं मिले। जिस पर डाक्टरों राह चलते राहगीरों को बुलाकर तीन मरीज देख औपचारिकता कर महज बीस मिनट में शिविर का समापन कर दिया। टीम के वरिष्ठ चिकित्सक डा.मनीराम वर्मा ने बताया कि उन्हें सीएमओ आफिस की ओर से वाहन तीन बजे के बाद उपलब्ध कराया गया। प्रधान प्रतिनिधि राजेंद्र कुमार द्विवेदी एवं अवधेश त्रिपाठी, पूर्व प्रधान बृजेंद्र कुमार गुरुदेव ने इस शिविर को महज औपचारिकता करार देते हुए पुन: समय से शिविर लगवाए जाने की मांग की है।