हमीरपुर। विधानसभा चुनाव की नामांकन प्रक्रिया के पहले दिन किसी भी प्रत्याशी ने नामांकन पत्र जमा नहीं किया। वहीं, भाजपा, बसपा, निषाद, कांग्रेस, भाकपा व सपा प्रत्याशी नामांकन पर्चे लेने आए। बुधवार को 15 प्रत्याशियों ने 27 सेट नामांकन पत्र खरीदे।
निर्दलीय के रूप में कुरारा क्षेत्र के झलोखर गांव निवासी राममिलन, मौदहा के मकरांव निवासी भूतपूर्व सैनिक राजेंद्र कुमार कुशवाहा, ऐनुउददीन उर्फ मौलाना खान निवासी ने निर्दलीय, मुस्करा क्षेत्र के इमिलिया निवासी जिपं सदस्य दिनेश सिंह उर्फ पप्पू ने निर्दलीय, कोतवाली क्षेत्र के चंदौखी निवासी लल्लू प्रसाद ने निर्दलीय, निवादा निवासी बलवंत सिंह ने निर्दलीय से चार सेट, सुमेरपुर क्षेत्र के इंगोहटा निवासी महेश्वरीदीन कुशवाहा ने जन अधिकार पार्टी से, मौदहा कस्बा निवासी जमाल आलम ने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी से, हमीरपुर के रमेड़ी डिग्गी डांडा निवासी भवानीदीन पाल ने राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी से, राठ कस्बे के खुशीपुरा मोहल्ला निवासी मौजूदा भाजपा विधायक मनीषा अनुरागी ने चार सेट, सुरौलीबुजुर्ग निवासी रामफूल निषाद ने बसपा से चार सेट, निवादा निवासी दुष्यंत सिंह ने निषाद पार्टी से चार सेट, गोहांड के जयप्रकाश नगर मोहल्ला निवासी प्रसन्नभूषण ने बसपा से, शहर के सूफीगंज सुभाष बाजार निवासी संजीव कुमार ने संभावित सपा प्रत्याशी के रूप में दो सेट व राठ के जराखर निवासी रचना वर्मा ने कांग्रेस से दो सेट चुनाव के लिए नामांकन पत्र लिए हैं। बुधवार को कुल 27 नामांकन सेट 15 प्रत्याशी खरीदकर ले गए। नामांकन प्रक्रिया को सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिसकर्मी मुस्तैद रहे। वहीं, पहले दिन नामांकन न होने से बैरियर व अन्य स्थानों पर ड्यूटी पर लगे पुलिस कर्मी आराम करते या सेल्फी लेते नजर आए।
दुष्यंत के भाई ने भी लिया नामांकन पत्र
निषाद पार्टी से संभावित प्रत्याशी के रूप में नामांकन पत्र लेने वाले दुष्यंत सिंह के भाई बलवंत सिंह ने भी निर्दलीय के रूप में चार सेट लिए हैं। दोनों भाइयों के नामांकन पत्र लेने का विषय चर्चा में रहा।
नामांकन के चलते डीएम से नहीं मिल सके फरियादी
कलक्ट्रेट गेट पर आए अतरार निवासी कल्लू ने बताया कि उनका बैंक खाता छानीखुर्द स्थित इंडियन बैंक में है। कहा कि उसे वृद्धा पेंशन मिलती है। अभी तक खाते में पेंशन की धनराशि नहीं आई है। बैंक जाकर जानकारी करने पर सही जवाब नहीं देते हैं। कहा जिलाधिकारी से मिलने आया है। मगर नामांकन के चलते पुलिस कर्मियों ने उसे अंदर जाने नहीं दिया। वहीं, बिदोखर निवासी ज्ञानप्रकाश अपनी 70 वर्षीय मां प्रभावती के साथ आया। बताया कि मां को पेंशन मिलती है। कोषागार कार्यालय में जीवित प्रमाण पत्र देने के लिए मां को लेकर लाए है। कलक्ट्रेट गेट पर पुलिसकर्मियों ने नामांकन प्रक्रिया के चलते अंदर नहीं जाने दिया।
आम जनमानस को मिली राहत
नामांकन को लेकर शहर के विभिन्न मार्गों पर आठ बैरियर लगाकर पुलिस कर्मियों की ड्यूटियां लगाई गई थी। पहली बार ऐसा हुआ कि किसी आम जनमानस को प्रमुख मार्गों से आवाजाही करने में किसी तरह की परेशानी नहीं हुई। सभी रूटों से पैदल, रिक्शा, टू-व्हीलर व चार पहिया वाहनों में सवार लोग आसानी से निकलते रहे। जिसकी लोगों ने सराहना की।