डॉ. भीमराव आंबेडकर की तस्वीर फाड़े जाने पर सवर्ण बच्चों की जिलाधिकारी से शिकायत करने के पुराने मामले में दबंगों ने अनुसूचित जाति के युवक को पीटकर उसका हाथ तोड़ दिया। इतना ही नहीं उससे जूते तक चटवाए। सुमेरपुर पुलिस पीड़ित को टरकाती रही। एसपी के आदेश पर 12 दिन बाद एक नामजद और दो अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज हो सका।
थानाक्षेत्र के सिमनौडी गांव निवासी उमेश बाबू वर्मा की ओर से दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक वह 5 अक्तूबर को बाजार जा रहा था। गांव के बाहर अभय सिंह अपने दो अज्ञात साथियों के साथ मिला और पुराने मामले को लेकर जातिसूचक गालियां देने लगा। विरोध पर तीनों ने डंडों से पिटाई की और अपने जूते चटवाए। चिल्लाने पर मां केशकली व अन्य ग्रामीण आ गए तो तीनों जानमाल की धमकी देते हुए भाग गए। पिटाई से इससे उसके शरीर में गंभीर चोटें आईं। दाहिने हाथ में फ्रैक्चर हो गया।
उमेश के मुताबिक सुमेरपुर पुलिस ने उसकी मेडिकल रिपोर्ट के बाद भी रिपोर्ट नहीं लिखी तो उसने 17 अक्तूबर को पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र दिया। एसपी के आदेश पर एससी/ एसटी एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। एसपी डॉ. दीक्षा शर्मा ने मीडिया सेल के माध्यम से बताया कि सुमेरपुर पुलिस की प्रारंभिक जांच में वादी को जूते से अपमानित किए जाने संबंधी प्रयासों की पुष्टि नहीं हुई है। अभियुक्तों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। घटना की गहराई से जांच कराई जा रही है।