फोटो23 एचएएमपी 17- कच्चे मकान के सामने अपनी मां के साथ रोहित। संवाद
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गहरौली (हमीरपुर)। कहते हैं कि हौसले बुलंद हों तो अभाव भी रास्ता नहीं रोक पाते। गहरौली गांव के गरीब परिवार के बेटे रोहित ने हाईस्कूल में आठवां स्थान प्राप्त कर इसे सच कर दिखाया है। गुदड़ी के लाल ने सफलता का तोहफा बाहर रहकर मजदूरी कर रहे पिता को समर्पित किया है।
गोविंद विद्यालय इंटर कॉलेज के दसवीं के छात्र रोहित कुमार ने जिले में आठवां स्थान हासिल कर अपना और अपने परिवार के साथ गांव, स्कूल का नाम रोशन किया है। छात्र ने सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और चाचा को दिया है। रोहित ने बताया कि उसके पिता मकान निर्माण में मजदूरी करते हैं और उसी से परिवार का भरण-पोषण होता है। मां पुष्पा रानी और चाचा परमलाल के सहयोग से ही वह किसी तरह अपनी पढ़ाई जारी रख पाया। अभावों में दृढ़ संकल्प और गुरुजनों की शिक्षा व आशीर्वाद काम आया।
रोहित की कहानी संघर्ष से भरी है। उसके घर में बिजली का कनेक्शन तक नहीं है। एक छोटी सी सौर ऊर्जा प्लेट और बैटरी के सहारे ही घर में उसने अपनी पढ़ाई पूरी की। रोहित का सपना है कि वह आगे चलकर बड़ा अधिकारी बने। माता-पिता का भी यही सपना है जो दिन वह छात्र जीवन में देख रहा है वह आगे न देखे। उसकी इस उपलब्धि से गांव में खुशी का माहौल है।