राठ। भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती पर स्वामी ब्रह्मानंद समाधि स्थल पर एक अनोखी शादी हुई। बिन फेरों की इस शादी में नवदंपती को उपहार स्वरूप संविधान की कॉपी भेंट की गई।
इमिलिया गांव निवासी भानवती का विवाह पवई गांव के जयहिंद के साथ तय हुआ। दोनों के परिजन सामाजिक कुरीतियों से हट कर विवाह कराना चाहते थे। जिसके लिए संविधान निर्माता डॉ आंबेडकर की जयंती का दिन चुना। वर वधू अपने परिजनों व संबंधियों सहित गुरुवार शाम नगर के बीएनवी डिग्री कालेज स्थित स्वामी ब्रह्मानंद की समाधि स्थल पर पहुंचे। जहां एक दूसरे को माला पहनाकर अपना जीवन साथी वरण किया। मकरध्वज सिंह एडवोकेट ने नवदंपति को संविधान की कॉपी उपहार में भेंट की। भानवती व जयहिंद ने कहा कि फिजूलखर्ची को रोकने व सामाजिक कुरीतियों को दूर करने के लिए डॉ आंबेडकर व स्वामी ब्रह्मानंद को साक्षी मान कर शादी की है। संवाद