हमीरपुर/ गहरौली। शहर से बाहर जाने के लिए सही रास्ते का चयन करने के लिए आजकल लोग गूगल मैप का उपयोग करते हैं, लेकिन मैप का उपयोग करने वाले वाहन चालक तकनीकी खामी के चलते अपना रास्ता भटक जाते हैं। हाल ही में बरेली, बदायूं में हुआ हादसा भी इसकी बानगी है।
नगर में कहीं भी विभिन्न मार्गों पर जाने के लिए संकेतक भी नहीं लगे हैं। इसका खामियाजा वाहन चालक भुगतते हैं। हमीरपुर-कालपी मार्ग पर संकेतकों का अभाव लोगों को अखरने लगा है। जो संकेतक लगे भी वह धूमिल पड़ गए हैं। शहर के कालपी मार्ग पर पड़ताल की गई तो सिटी फाॅरेस्ट की तरफ जाने वाले रास्ते को गूगल मैप कानपुर का रास्ता बताने लगा, जबकि वहां पर ग्रामीण क्षेत्र का रास्ता है।
इसी मार्ग पर आगे यमुना बेतवा बाईपास पुल निर्माणाधीन है, लोकेशन डालने पर उसकी फीडिंग नहीं मिली। साथ ही यहां पर पुल के दोनों ओर मिट्टी डाली गई है। इसी तरह गहरौली क्षेत्र में गहरौली से औराडेरा जाने वाली सड़क में कटान हो चुकी है। इससे अगर कोई इस रास्ते गुजरता है तो हादसा होना तय है, फिर भी गूगल इस रास्ते को भी दिखा रहा है। गूगल मार्गों की लोकेशन को अपडेट नहीं कर रहा है। एआरटीओ अमिताभ राय ने बताया कि धूमिल हो चुके संकेतक पीडब्लूडी ठीक कराएगा।