हमीरपुर। जिला कारागार के बंदियों ने जेलर केपी चंदीला के दौरान कमाई को लेकर नए-नए नियम बनाए जाने के आरोप लगाए जा रहे है। इसमें जहां छोटी बैरक से बड़ी बैरक में आने जाने व बैरक से बाहर घूमने के 100 से 200 रुपये लेने का आरोप लग रहे है। वहीं मिलने वाले खाने की गुणवत्ता में खामियां बता अच्छे खाने के एवज में 10 हजार रुपये तक बंदियों से लेने की बात कही जा रही है।
बंदियों के अनुसार जेल में मिलने वाले खाने की गुणवत्ता बहुत घटिया है। इस कारण जो अच्छे घरों के बंदी है उनके लिए अलग भोजन की व्यवस्था रहती है। इसके एवज में उनसे 10 हजार रुपये प्रति माह खर्च किए जाते है। इस पर उन्हें दाल के साथ सब्जी व अच्छे से सिकीं रोटियां दी जाती है। जबकि आम बंदियों को पतली दाल व आधी पकी रोटियां दी जाती है।
जेल के अंदर छोटी-बैरक से बड़ी बैरक में बंदी आ जा सकते है। लेकिन इनके बंदियों के मिलने पर रोक लगा दी गई। इसके लिए बंदियों से 100 से 200 रुपये वसूले जाने लगे। वहीं बंदी से हफ्ते में एक मुलाकात व कैदियों से 15 दिन में एक बार नियम बनाया गया। इसके अलावा एक पर्ची में तीन लोगों के मिलने का नियम है। जबकि मिलाई के दौरान जिसके नाम से पर्ची होती उसी से बंदी की बातचीत कराई जाती थी। शेष दो लोग पास में खड़े रहते थे। उनके बात करने पर बंदी से 100 रुपये वसूले जाते थे।
- सभी आरोप गलत हैं। डीएम, एसपी के अलावा न्यायिक अधिकारियों के निरीक्षण होते रहते हैं। यदि ऐसा होता तो बात सामने आती। जेल में कैंटीन है, इसमें पूड़ी सब्जी आदि समेत अन्य खाने के दाम फिक्स हैं। वहां कब, क्या, कितना बिकता है, इसका ब्योरा दर्ज किया जाता है। इसके अलावा बंदी के परिजनों द्वारा बीड़ी सिगरेट निर्धारित मात्रा में ला सकते हैं।
मंजीव श्विकर्मा, जेल अधीक्षक
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देरी से हो रही मिलाई
- जिला कारागार में बंदियों व कैदियों से मिलाई के लिए आठ से 11 बजे तक पर्ची कटती है। इसके बाद दो शिफ्ट में मिलाई कराई जाती है। शुक्रवार को जेल में मिलाई करने गए पहली शिफ्ट के लोग दोपहर करीब एक बजे लौटकर आए। ऐसे में दूर दराज से मिलाई को आने वाले लोग इंतजार करते मिले। जेल अधीक्षक ने बताया कि वैसे समय से मिलाई कराई जाती है। कभी किसी कारणवश देरी हो जाती है। इसके अलावा सभी मिलाई करने वालों की जांच की जाती है। इस कारण देर होती है।
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नहीं हुई मारपीट
- कारागार में बंद कुछ बंदियों ने बुधवार को रायटर बिनय के साथ बंदियों द्वारा मारपीट करने की बात कही। वहीं, कुछ ने सुमेरपुर निवासी कैदी हर्षित गुप्ता से मारपीट की बात कही। मामले में जेल अधीक्षक ने ऐसी किसी बात से इनकार किया है। उन्होंने बताया कि पहले बंदियों में बंदी अनिल की पिटाई में मोहम्मद शमी आदि का नाम आने पर आक्रोश था, लेकिन अब ऐसा नहीं है।
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तीन माह के लिए जेलर व तीन दिन के लिए डिप्टी जेलर आए
- जेल अधीक्षक ने बताया कि तीन माह के लिए बरेली जेल के जेलर आनंद सिंह व तीन दिन के लिए फतेहपुर से डिप्टी जेलर केपी सिंह को भेजा गया है। वह जेल में मौजूद हैं। बताया कि डीआईजी द्वारा की गई जांच रिपोर्ट बीते मंगलवार को ही शासन को भेज दी गई थी। इसी कारण जेलर केपी चंदीला का निलंबन हुआ और बृहस्पतिवार को जेल के डॉक्टर को हटाया गया।
उम्र दराज कैदियों के चलते बढ़ी मुश्किलें
- जेल अधीक्षक ने बताया कि बंदी के मरने की खबरों पर जेल प्रशासन पर आरोप लगा दिए जाते है, जबकि यह नहीं देखा जाता कि उनकी स्थिति कैसी है। यहां 88 व 90 साल के बुजुर्ग बंदी भेज दिए जाते हैं। उन्हें खाने-पीने में तक की परेशानी होती है। हम लोग उन्हें बचाने की कोशिश कर सकते हैं, कोई भगवान नहीं कि उन्हें सौ साल और जिंदा रख सकें।
विवेचना में जुटे सदर कोतवाल
बंदी की हत्या के मामले में विवेचना सदर कोतवाल राकेश कुमार द्वारा की जा रही है। मामले में न्यायिक जांच भी चल रही है। मामला बड़ा और बंद चाहरदिवारी का है। ऐसे में विवेचना में समय लगेगा।- राजेश कमल, सीओ सदर
ब्रह्म संस्कार एवं कल्याण समिति ने दिया ज्ञापन
फोटो 19 एचएएमपी 22= एसडीएम करनवीर सिंह को ज्ञापन देते ब्रह्म संस्कार एवं कल्याण समिति के लोग। संवाद
मौदहा। जिला कारागार में निरुद्ध बंदी अनिल की अमानवीय ढंग से मारपीट व उसकी मौत के मामले में ब्राह्मण समाज समेत अन्य लोगों में आक्रोश व्याप्त है। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी उनकी गिरफ्तारियां न होने से विभिन्न संगठनों ने नाराजगी जताई है। नगर के ब्रह्म संस्कार एवं कल्याण समिति के अध्यक्ष पंडित बृजेंद्र गौतम के नेतृत्व में शुक्रवार को ब्राह्मण समाज के दर्जनों लोगों ने उप जिलाधिकारी करणवीर सिंह के माध्यम से राज्यपाल को एक ज्ञापन भेजा। घटना के आरोपियों के मामले को फास्ट ट्रैक न्यायालय में चला कर कड़ी कार्रवाई कराने व इनकी गिरफ्तारी की मांग की है। इस मौके पर बाबूराम बाजपेई अधिवक्ता, बृज किशोर त्रिवेदी अध्यक्ष अधिवक्ता संघ, राजेश तिवारी (सिब्बू महाराज), अशोक कुमार त्रिपाठी, मूलचंद शुक्ला, विनय तिवारी, अवधेश पालीवाल, उदित नारायण, बाल गोविंद पाठक, अनिल द्विवेदी, राहुल द्विवेदी व रामेंद्र त्रिपाठी समेत अन्य लोग मौजूद रहे। (संवाद)