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Hamirpur News: शाकभाजी की खेती कर कमाया लागत से चार गुना मुनाफा

Sat, 18 Apr 2026 12:50 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
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फोटो 17 एचएएमपी 05- खेत में लगे शाकभाजी के पौधे। स्रोत: किसान
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हमीरपुर। मौसम की मार और सूखी धरती से गेहूं और धान में लागत तक निकालना मुश्किल होने लगा। ऐसे में पलरा गांव के किसान बरदानी लाल ने शाकभाजी की खेती अपनाई है। अब वह सब्जी की पैदावार करके दौलत और शोहरत दोनों कमा रहे हैं। मौजूदा समय में उन्होंने आठ बीघा में टमाटर, बैंगन, तरोई, कद्दू, लगाया है। उनकी मेहनत अब अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है।
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बरदानी लाल ने बताया कि एक साल पहले ही प्रयोग के तौर पर तीन बीघे खेत में टमाटर की खेती शुरू की थी। सर्दी के मौसम में की गई इस खेती से उन्हें करीब 3.50 लाख रुपये की उपज प्राप्त हुई। लागत के मुकाबले चार गुना से अधिक मुनाफा होने पर अब वह शाकभाजी की खेती को ही आगे बढ़ा रहे हैं। सब्जी की खेती के लिए तीन बीघा से दायरा बढ़ाते हुए आठ बीघा कर दिया है। इसमें टमाटर के साथ बैंगन, कद्दू और तरोई की खेती शुरू कर दी है। उनकी सफलता से क्षेत्र के अन्य किसान भी शाकभाजी की खेती की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
सफल किसान का पुरस्कार भी मिला

पलरा गांव के बरदानी लाल बताते हैं कि जब वह पारंपरिक खेती करते थे, तब कोई पुरस्कार नहीं मिला। शाकभाजी की खेती शुरू की तो जिला मुख्यालय पर पुरस्कार भी प्राप्त हुआ। टमाटर की अधिक पैदावार पर प्रशस्ति पत्र मिला है। उद्यान निरीक्षक सौभाग्य सोनी ने भी सहयोग किया और शाकभाजी खेती के प्रति जागरूक किया। उद्यान विभाग की शाकभाजी योजना का लाभ भी मिला है।
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काला नमक वैरायटी का जैविक धान भी उगाया



बरदानी लाल के पास 30 बीघा खेती है। वह खेती में नया करने के लिए प्रयासरत हैं। उन्होंने जैविक खेती में भी भाग्य आजमाया है। बरदानी ने बताया कि धान की खेती तो वह करते थे, लेकिन फिर काला नमक नाम की वैरायटी करने का योजना बनाया। लागत अधिक आ रही थी लिहाजा सिर्फ आधा बीघा से भी कम क्षेत्रफल में खेती की। लगभग एक क्विंटल धान प्राप्त हुआ, इसमें 65 किलो चावल निकला।
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