सूखे कुएं में गिरे उपकरण को उठाने गया किसान बेहोश हो गया। उसे बचाने के लिए कुएं में एक बाद एक उतरे किसान बेहोश हो गए। ग्रामीणों ने तीन किसानों को तो रस्सी से खींच बाहर निकाल लिया। इसके बाद टैंकर से कुएं में पानी डाल बेहोश पड़े किसान को होश में लाया गया। चारों किसानों को इलाज के लिए सीएचसी में भर्ती किया गया। डॉक्टरों का कहना है कि किसान जहरीली गैस के प्रभाव में बेहोश हुए थे। घटना की जानकारी पुलिस और प्रशासनिक अफसरों को नहीं है।
जरिया थानाक्षेत्र के बरगांव गांव निवासी सियाराम (58) के मकान के बगल में प्राचीन कुंआ सूखा पड़ा हुआ है। कुछ दिन पहले उसकी दीवार पर रखे ट्रैक्टर के रिंच व अन्य सामान कुंए में चला गया था। रविवार को सियाराम के ट्रैक्टर का एयर फिल्टर भी कुएं में गिर गया। इसे निकालने के लिए वह रस्सी के सहारे कुएं में उतर गया और नीचे जाकर बेहोश हो गया। ग्रामीणों ने आवाज लगाई लेकिन जब वह नहीं बोला तो गांव का बृषभान (45) रस्सी कमर में बांधकर कुंए में उतर गया और बीच में बेहोश हो जाने पर ग्रामीणों ने उसे तुरंत वापस निकाल लिया।
इसके बाद दयाराम (60) व गंगादीन (45) भी कुएं में उतरे और बेहोशी हालत में ग्रामीणों ने बाहर निकाला। जहरीली गैस होने की आशंका में ग्रामीणों ने टैंकर से कुएं में पानी डाला। तब पहले से बेहोश पड़े सियाराम को होश में आ गया। आनन-फानन ग्रामीणों ने उसे रस्सी के सहारे बाहर निकाला और चारों को सीएचसी सरीला ले आए। जहां उनकी हालत अब ठीक है। सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा.अजय चौरसिया ने बताया कि चारों मरीज जहरीली गैस के असर से बेहोश हुए थे। उनकी हालत अब ठीक है। इस घटना की जानकारी पुलिस व प्रशासनिक अफसरों को नहीं है।