हमीरपुर। करीब 16 वर्ष पुराने अपहरण के मामले में आठ माह पूर्व एमपी/एमएलए कोर्ट ने सजायाफ्ता पूर्व सांसद को सजा सुनाई थी। मामले में दोषी ने एडीजे प्रथम के यहां अपील की, जिसकी सुनवाई करते हुए एडीजे प्रथम चंद्रभान सिंह की अदालत ने दोषी पूर्व सांसद को दोषमुक्त कर दिया है।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता प्राणेश सिंह ने बताया कि शहर के रमेड़ी मोहल्ला निवासी पप्पू उर्फ परशुराम ने 19 जुलाई 2007 को तहरीर दी थी। बताया था कि 27 नवंबर 2006 की शाम करीब साढ़े पांच बजे अपने साथी विष्णु शर्मा के साथ चौरा देवी मंदिर से पैदल बस स्टैंड की ओर जा रहे थे। तभी जजी कॉलोनी मोड़ बंधा के पास एक कार सामने आकर रुकी। कार में सवार आठ असलहाधारियों ने उसके साथी विष्णु शर्मा को गाड़ी में बैठा लिया और अशोक चंदेल के पास ले गए।
आरोप लगाया कि पूर्व सांसद ने एक पुराने मामले में समझौता करने के लिए जान से मारने की धमकी देकर दबाव डाला। समझौता न करने पर जानमाल की धमकी दी। मामले में पुलिस ने दोषी पूर्व सांसद सहित आठ आरोपियों के खिलाफ अपहरण सहित अन्य धाराओं में मामला दर्जकर आरोप पत्र अदालत में पेश किया था।
मामले की ऑनलाइन सुनवाई करते हुए एमपी/एमएलए कोर्ट ने 24 जुलाई 2023 को सजायाफ्ता पूर्व सांसद/विधायक अशोक चंदेल को पांच साल की सजा सुनाई थी। अदालत के फैसले के खिलाफ दोषी ने एडीजे प्रथम के यहां अपील की थी, जिसकी सुनवाई करते हुए अदालत ने सजायाफ्ता पूर्व सांसद/विधायक को अपहरण मामले में दोषमुक्त किया है।
शहर के सुभाष बाजार में 26 जनवरी 1997 को एक ही परिवार के पांच लोगों की हत्या के मामले में सजायाफ्ता पूर्व सांसद/विधायक को वर्ष 2019 में उच्च न्यायालय प्रयागराज की खंडपीठ ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसमें पूर्व विधायक सहित नौ लोग शामिल थे। इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था। जो इस समय आगरा सेंट्रल जेल में सजा काट रहा है।