हमीरपुर। रुक-रुककर हो रही बारिश ने जिला अस्पताल में भर्ती मरीजाें की मुश्किलें बढ़ा दीं। भर्ती वार्ड की छत टपकने के कारण शनिवार सुबह मरीज बेड खिसकाते नजर आए। वहीं, फर्श में भरे पानी से मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अस्पताल प्रशासन ने बजट न मिलने के कारण समस्या बताई। शुक्रवार शाम से शनिवार शाम तक बारिश रुक-रुककर जारी रही, जिसके जिला अस्पताल की छत टपकने लगी। शनिवार सुबह मरीजों को फर्श में पानी भरा होने से दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं, छत टपकने के कारण मरीजों ने बेड खिसकाकर खुद का बचाव किया।
मरीज संतराम ने बताया कि जिला अस्पताल में भर्ती इंगोहटा गांव निवासी मरीज संतराम ने बताया कि रात में हुई बारिश से छत टपकने लगी। बेड खिसकाकर बिस्तर गीला होने से बचाया। शौचालय आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। फर्श में पानी भरा होने से बुजुर्ग मरीजों को फिसलने की आशंका सताती रही। यहीं हाल शनिवार दोपहर बाद बारिस होने से हो गया।
जिला अस्पताल में मौजूद शहर निवासी तीमारदार देवेश ने बताया कि उनकी पत्नी वार्ड में भर्ती है। वार्ड में घुसते ही बायीं ओर वाले चार वार्डों में दीवार व बीम से पानी रिसकर टपक रहा है। अस्पताल प्रशासन को इसे ठीक कराया जाना चाहिए, लेकिन मनमानी के चलते जिम्मेदारों को मरीजों की समस्या दिखाई नहीं दे रही।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एसपी गुप्ता ने बताया कि अस्पताल मरम्मत का इस्टीमेट बनाकर भेजा गया है। बजट न मिलने से काम नहीं हो पा रहा है। इसे सीएमओ स्तर से कराया जाना है। वहीं, सीएमओ डाॅ. गीतम सिंह ने बताया कि जिला अस्पताल के सीएमएस उनके समकक्ष है। मरम्मत की जिम्मेदारी उनकी है। बजट भी उनके यहां आता है।