पनवाड़ी (महोबा)। थाना पनवाड़ी के हैवतपुरा गांव के किसान हरनारायण प्रजापति की हत्या के मामले में झांसी-मिर्जापुर हाईवे जाम करना लोगों को महंगा पड़ गया। पुलिस ने दो नामजद समेत 62 लोगों के खिलाफ बलवा, सरकारी कार्य में बाधा, मार्ग अवरुद्ध करने समेत विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है।
हैवतपुरा गांव निवासी किसान हरनारायण प्रजापति 13 अप्रैल की रात घर से निकल गए थे। 14 अप्रैल की सुबह उनका शव घर के पीछे एक नाले में पड़ा मिला था। मृतक की पत्नी रामप्यारी ने थाने पहुंचकर अपने घर के सामने किराये के मकान में रहने वाले सरकारी शिक्षक धीरज कुशवाहा निवासी जालौन के खिलाफ हत्या का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी। 15 अप्रैल को पोस्टमार्टम के बाद गांव शव पहुंचने पर लोगों ने दोषी के खिलाफ कार्रवाई और सरकारी सहायता दिलाए जाने की मांग को लेकर हाईवे जाम कर दिया था। इससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गई थीं।
थाना पनवाड़ी के एसआई रामकिशन यादव ने बताया कि वह किसान की मौत के बाद अंतिम संस्कार कराने जा रहे थे। तभी हाईवे पर लोगों ने जाम लगा दिया। इससे आवागमन ठप हो गया और लोगों को दिक्कत हुई। जाम में रोडवेज बस और एंबुलेंस फंसने से यात्री व मरीज परेशान हुए। अतिरिक्त पुलिस बल की मदद से जाम खुलवाकर आवागमन बहाल कराया गया। एसआई की तहरीर पर हाईवे जाम करने वाले राजा अग्निहोत्री, आशीष सेन और 60 अज्ञात लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। थानाध्यक्ष वीरेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि जल्द ही दोषियों को गिरफ्तार किया जाएगा।