फोटो04एचएएमपी 17- क्षतिग्रस्त पाइप लाइन के मरम्मत कार्य को देखते एडीएम। स्रोत: सूचना विभाग
हमीरपुर। अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) विजय सिंह ने रविवार को कुरारा विकासखंड के परसी का डेरा और मिश्रीपुर गांव की जल जीवन मिशन की पेयजल परियोजना का औचक निरीक्षण किया। पाइपलाइन क्षतिग्रस्त मिलने पर कड़ी नाराजगी जताई। सरकारी संपति को नुकसान पहुंचाने वाले दो लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए। वहीं सरकारी जमीन पर कब्जे की जांच के लिए एसडीएम को पत्र लिखा है।
मिश्रीपुर से ददरी गांव तक बिछाई गई मुख्य पेयजल पाइपलाइन निरीक्षण के दौरान क्षतिग्रस्त मिली। जांच में पता चला कि मिश्रीपुर निवासी अरविंद सिंह और सरनाम सिंह, पुत्र राम प्रसाद, ने सड़क किनारे की सरकारी भूमि से झाड़ियां साफ कर उसे अपने खेत में मिला लिया था। इसी जमीन पर जेसीबी से काम कराने के दौरान पाइपलाइन टूट गई और उसमें बड़ा छेद हो गया। इससे ग्रामीणों की पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने की स्थिति बन गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए एडीएम ने दोनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए। संबंधित एसडीएम को सरकारी भूमि पर किए गए कब्जे की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा। एडीएम के तल्ख तेवर देखकर जिम्मेदारों के होश उड़ गए। एडीएम ने कहा कि जल जीवन मिशन शासन की प्राथमिकता वाली योजना है। इसमें गुणवत्ता और सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकारी भूमि पर कब्जा, सरकारी संपत्ति को नुकसान या निर्माण कार्य में लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
हेलमेट-गमबूट के बिना खुदाई में जुटे श्रमिक
निरीक्षण के दौरान जल जीवन मिशन की कार्यदायी संस्था आईटी वर्ल्ड इंटरनेशनल के श्रमिक भी बिना हेलमेट, गमबूट और अन्य सुरक्षा उपकरणों के काम करते मिले। इस पर एडीएम ने संस्था के सुपरवाइजर को कड़ी फटकार लगाई और श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। एडीएम ने कंपनी के उच्च अधिकारी अभिषेक पांडे से फोन पर वार्ता कर सभी श्रमिकों को पीपीई किट समेत जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने को कहा। कंपनी ने दो दिन के भीतर सभी श्रमिकों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।