राठ (हमीरपुर)। कोतवाली क्षेत्र के कैंथा गांव में पुरानी रंजिश ने बुधवार को खूनी रूप ले लिया। जानवर चराने गए किसान पर आधा दर्जन लोगों ने लाठी-डंडों और कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। हमलावरों ने किसान को खेत में दौड़ा-दौड़ाकर पीटा और कुल्हाड़ी से कई वार किए। घायल किसान की उरई ले जाते समय रास्ते में माैत हो गई। घटना के बाद गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
कैंथा निवासी लखन राजपूत ने बताया कि छोटे भाई वीरपाल राजपूत (55) बुधवार दोपहर खेत में जानवर चरा रहे थे। इसी दाैरान गांव के दृगसिंह, रोहित, मोहित, कमलेश राजपूत और कृष्णपाल लाठी-डंडे, कुल्हाड़ी, तमंचा व लाइसेंसी बंदूक लेकर वहां पहुंच गए। आरोप है कि पुरानी रंजिश में आरोपी गाली-गलौज लगे। विरोधि करने पर सभी ने वीरपाल पर हमला कर दिया। कुल्हाड़ी के कई वार से वीरपाल गंभीर रूप से घायल हो गए। चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो आरोपी तमंचे से हवाई फायरिंग करते हुए भाग निकले।
परिजन वीरपाल को सीएचसी राठ ले गए जहां से प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज उरई रेफर कर दिया गया लेकिन बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के टोल प्लाजा के पास उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना पर सीओ राजीव प्रताप सिंह, तहसीलदार दिलीप सिंह और कोतवाल अनूप सिंह सीएचसी पहुंचे और परिजन से घटना की जानकारी ली। पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर घटना की जांच कर रही है।
पहले भी हो चुके हैं जानलेवा हमले
लखन राजपूत का आरोप है कि विपक्षी लंबे समय से उनके परिवार से रंजिश रखते हैं। वर्ष 2020 में कुत्ते को लेकर विवाद हुआ था। इसी को लेकर आरोपियों ने घर में घुसकर परिवार पर हमला किया गया था। करीब दो वर्ष पहले वीरपाल और उनकी पत्नी निर्मला पर भी जानलेवा हमला कर फायरिंग की गई थी। मामले में हत्या के प्रयास की प्राथमिकी दर्ज की गई थी लेकिन बाद में धाराएं कमजोर कर दी गईं। वीरपाल के नाम 12 बीघा कृषि भूमि है जिस पर खेती कर वह परिवार का भरण-पोषण करते थे। बेटे विपिन और उपेंद्र पिता के साथ खेती-किसानी में सहयोग करते थे।
वीरपाल के बेटे विपिन की तहरीर पर पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है और मामले की जांच की जा रही है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। गांव में एहतियातन पुलिस बल तैनात कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें गठित की गई हैं। -राजीव प्रताप सिंह, सीओ
फोटो 29 एचएएमपी 15 मृतक वीरपाल राजपूत। स्रोत परिजन