भरुआ सुमेरपुर (हमीरपुर)। खरीफ में बोई तिल की फसल नष्ट होने से अवसाद ग्रस्त किसान ने पशुबाड़े में फंदा लगाकर जान दे दी। इसके पूर्व उसने बहन से राखी भी बंधाई थी। बीते फरवरी माह में भी ओलावृष्टि से उसकी फसल बर्बाद हो गई थी।
सोमवार की रात करीब 10 बजे नदेहरा निवासी छेदीलाल अनुरागी (55) ने पशुबाड़े में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। बेटे अरविंद अनुरागी ने बताया कि पिता फरवरी में हुए ओलावृष्टि से फसल नष्ट होने दुखी थे। अब खरीफ में बोई गई तिल की भी फसल बर्बाद होने से वह अवसाद में थे।
वह घर पर प्रतिदिन फसल खराब होने की चर्चा करते थे। सोमवार को शाम को उन्होंने खाना खाया और राखी बंधवाई। इसके बाद पशुबाड़े चले गए। जब काफी देर बाद वापस नहीं लौटे। तब जाकर देखा तो वह फंदे पर लटके मिले। उनकी सांस थम चुकी थी।
परिवार में किसान की पत्नी रामश्री, पुत्र अरविंद एवं धर्मेंद्र हैं। ग्राम प्रधान उदयभान यादव ने मृतक के घर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी। ग्राम प्रधान ने बताया कि किसान के पास चार बीघा खेती योग्य जमीन थी।
खेती-बाड़ी के साथ वह मजदूरी करके परिवार का भरण पोषण करता था। ललपुरा थाना प्रभारी केशव सिंह ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।